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सरकार ने पेट्रोल-डीजल कमी को नकारा

by Live India
अफवाहों पर लगाम: पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ देख प्रशासन ने कहा-सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं

पेट्रोल-डीजल की कमी: गुजरात में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.

  • गांधीनगर से निकुल पटेल की रिपोर्ट

पेट्रोल-डीजल की कमी: गुजरात में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक अहम परिपत्र जारी कर पैनिक बायिंग पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. सरकार ने साफ किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर ईंधन की कमी को लेकर भ्रामक खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं. इन खबरों के चलते कई जगहों पर लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे थे, जिससे कुछ पेट्रोल पंपों पर दबाव की स्थिति बन गई थी. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए.

केवल वाहनों में ही भरे जाएंगे ईंधन

जारी आदेश के मुताबिक, अब राज्य के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों की टंकी में ही भरा जाएगा. बोतल, केन या किसी अन्य कंटेनर में ईंधन देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से अनावश्यक स्टॉकिंग, जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सकेगा. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है. डीलरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखें और किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें.

जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी करने की कोशिश करता है, कृत्रिम कमी पैदा करता है या अफवाह फैलाकर लोगों को गुमराह करता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. संबंधित अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन की खरीद करें. प्रशासन का कहना है कि राज्य में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है.

अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं : प्रशासन

फिलहाल, सरकार के इस कदम से साफ संकेत मिल रहा है कि प्रशासन किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा. प्रशासन आम जनता के हित में सख्त फैसले लेने के लिए पूरी तरह तैयार है. पेट्रोल पंपों पर अब केवल वाहनों की टंकी में ही पेट्रोल-डीजल भरवाया जा सकेगा. केन, बोतल या अन्य कंटेनरों में ईंधन देने पर रोक लगा दी गई है. कोई भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने की कोशिश करता है या अफवाह फैलाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन की खरीद न करें. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

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