16
UP News: प्रयागराज के मशहूर न्यूरो सर्जन एक मरीज को देखते समय बुरी तरह फंस गए. युवती का आरोप है कि मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टर ने मुझे गलत तरीके से छुआ और दुर्व्यवहार किया.
यूपी समाचार: प्रयागराज के मशहूर न्यूरो सर्जन एक मरीज को देखते समय बुरी तरह फंस गए. युवती का आरोप है कि मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टर ने मुझे गलत तरीके से छुआ और दुर्व्यवहार किया. इसी मामले में पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज करा दी. डॉक्टर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है. पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में गुरुवार को डॉ. कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला), धारा 76 (महिला को कपड़े उतारने के लिए मजबूर करना) और धारा 127 (2) (गलत तरीके से कैद करना) शामिल है.
डॉक्टर ने आरोपों से किया इनकार
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वह बुधवार रात करीब 10 बजे अपने भाई के साथ डॉक्टर के क्लिनिक पर गई थी. उसका भाई बाद में घर लौट आया जबकि वह अपनी बारी का इंतजार कर रही थी. उसने आरोप लगाया कि जब वह डॉक्टर के केबिन में दाखिल हुई, तो उसने वहां मौजूद अन्य मरीजों को जाने के लिए कहा. इसके बाद केबिन के दोनों दरवाजे बंद कर दिए और कथित तौर पर उसके साथ छेड़छाड़ करने से पहले उसे अपने कपड़े उतारने के लिए कहा. महिला ने आगे आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उसे अपने सारे कपड़े उतारने के लिए कहा, जिसके बाद उसने इलाज करने से इनकार कर दिया. इसके बाद उसने कपड़े पहने और केबिन से बाहर चली गई. डॉ. शर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि युवती पिछले तीन से चार महीनों से उनके इलाज में थी और उनके अस्पताल में भी भर्ती हुई थी. उन्होंने कहा कि उस अवधि के दौरान उनके और मनोचिकित्सक सौरभ टंडन द्वारा संयुक्त रूप से उनका इलाज किया गया था.
पुलिस कर रही मामले की जांच
डॉक्टर ने दावा किया कि मरीज ने आक्रामक व्यवहार किया था और झुनझुनी, अनिद्रा और अवसाद जैसे लक्षणों की शिकायत की थी. बुधवार को युवती ने अपने शरीर के बाईं ओर झुनझुनी की सूचना दी थी और जांच का अनुरोध किया था. डॉ. शर्मा ने कहा कि जांच के दौरान एक महिला परिचारक दरवाजे पर मौजूद थी, जिसमें उसके चेहरे और पेट की जांच की गई. इस जांच को एक से डेढ़ मिनट के भीतर पूरा किया गया. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से जांच की जा सकती है. डॉक्टर ने दावा किया कि अगर कुछ भी अनुचित हुआ होता तो महिला ने अलार्म बजा दिया होता. डॉक्टर ने कहा कि उन्हें संदेह है कि जबरन वसूली रैकेट में शामिल कुछ लोगों ने महिला को आरोप लगाने के लिए उकसाया होगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला “मनोरोग संबंधी समस्याओं से पीड़ित है और निराधार आरोप लगा सकती है. पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है.
ये भी पढ़ेंः पकड़ा गया मालदा हिंसा का ‘मास्टरमाइंड’, 33 लोग हुए गिरफ्तार; एयरपोर्ट से कर रहा था भागने की तैयारी
