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होर्मुज पर 135 देशों का ईरान पर शिकंजा

by Live India
होर्मुज पर 135 देशों का ईरान पर शिकंजा

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United Nations: संयुक राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) शनिवार (4 अप्रैल) को होर्मुज जलडमरूमध्य पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान करेगी.

3 अप्रैल 2026

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) शनिवार (4 अप्रैल) को होर्मुज जलडमरूमध्य पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान करेगी. इसमें खाड़ी देशों और जॉर्डन पर ईरान के गंभीर हमलों की निंदा की गई है. प्रस्ताव में ईरान से तत्काल हमले रोकने और उकसावे की कार्रवाई बंद करने के साथ समुद्री व्यापारिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की गई है. यह प्रस्ताव बहरीन द्वारा पेश किया गया है, जिसे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और जॉर्डन का समर्थन प्राप्त है. कुल 135 देशों के समर्थन वाला यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

किसी भी देश को होर्मुज बंद करने का अधिकार नहीं

प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी अंतरराष्ट्रीय पारगमन मार्गों के लिए खुला रहेगा और किसी भी देश को इसे बंद करने या नियंत्रित करने का अधिकार नहीं होगा. इसमें सदस्य देशों को विशेष रूप से रक्षात्मक उपाय अपनाने की अनुमति दी गई है, ताकि जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी बाधा को रोका जा सके. साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय दृष्टिकोण के अनुरूप होने चाहिए. मसौदे के अनुसार, जो देश इस प्राधिकरण का उपयोग करेंगे, उन्हें संयुक्त राष्ट्र को सूचित करना होगा और अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा मासिक रिपोर्टिंग के जरिए एक निगरानी तंत्र भी स्थापित किया जाएगा ताकि परिषद स्थिति की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई कर सके.

प्रस्ताव में ईरान से तत्काल हमले रोकने की मांग

शुरुआती मसौदे में सभी आवश्यक साधनों के उपयोग की अनुमति देने वाली भाषा शामिल थी, लेकिन रूस, चीन और फ्रांस जैसे स्थायी सदस्यों के विरोध के बाद इसे संशोधित कर रक्षात्मक उपायों तक सीमित कर दिया गया. मतदान पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन गुड फ्राइडे के कारण संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय बंद रहने से इसे शनिवार सुबह 11 बजे तक टाल दिया गया. मार्च में संयुक्त राज्य अमेरिका की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया, जिसे 13 मतों के साथ अपनाया गया. बहरीन द्वारा नेतृत्व किए गए इस प्रस्ताव का भारत और अमेरिका सहित 130 से अधिक देशों ने समर्थन किया. प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और राजनीतिक स्वतंत्रता के प्रति वैश्विक समर्थन को दोहराना था. कुल 135 देशों के समर्थन वाला यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है. प्रस्ताव में ईरान से तत्काल हमले रोकने और उकसावे की कार्रवाई बंद करने के साथ समुद्री व्यापारिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की गई है.

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