Home Latest News & Updates Middle East War ने लगाया ट्रंप के देश में महंगाई का तड़का

Middle East War ने लगाया ट्रंप के देश में महंगाई का तड़का

by Live India
अमेज़न के पार्सल से लेकर हवाई सफर तक, Middle East War ने लगाया ट्रंप के देश में महंगाई का तड़का

Middle East War: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर पूरी दुनिया पर नज़र आ रहा है. अब तो अमेरिका भी महंगाई की मार झेलने पर मजबूर हो चुका है.

05 अप्रैल, 2026

दुनिया के दूसरे कोने में छिड़ी जंग का असर अब अमेरिकियों की रसोई और गाड़ी की टंकी तक पहुंच गया है. ईरान के खिलाफ चल रही लड़ाई ने अब सीधे तौर पर अमेरिकी जनता की जेब पर वार करना शुरू कर दिया है. हालात ये हैं कि पेट्रोल की कीमतों से लेकर अमेज़न से मंगाए जाने वाले सामान तक, हर चीज़ पर महंगाई की मार साफ़ दिखाई दे रही है. यानी अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ भारत में ही तेल के दाम आसमान छू रहें हैं, तो ज़रा अमेरिका का हाल जान लीजिए.

अब अमेरिका की बारी

शुक्रवार को अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.09 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई. वॉर शुरू होने से पहले की तुलना में ये एक डॉलर से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी है. वहीं, अगस्त 2022 के बाद पेट्रोल अपने सबसे हाई लेवल पर है. वहीं, डीजल की हालत और भी खराब है. पिछले साल जो डीजल 3.64 डॉलर में मिल रहा था, वो अब 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो चुका है. वहीं, खेती, कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्टेशन पूरी तरह डीजल पर निर्भर है, इसलिए इसका असर हर चीज़ की कीमत पर पड़ना तय है.

ऑनलाइन शॉपिंग हुई महंगी

शॉपिंग के शौकीनों के लिए बुरी खबर ये है कि ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेज़न ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं. कंपनी ने अनाउंस किया है कि 17 अप्रैल से वो थर्ड-पार्टी सेलर्स पर 3.5% का ‘फ्यूल सरचार्ज’ लगाएगी. इतना ही नहीं, अमेरिकी डाक सेवा ने भी पैकेज और एक्सप्रेस मेल पर 8% का अस्थायी सरचार्ज लगाने की परमिशन मांगी है. अगर मंज़ूरी मिल गई, तो ये नियम 26 अप्रैल से लागू होकर जनवरी 2027 तक खिंच सकता है. यानी अब चिट्ठी भेजनी हो या पार्सल, एक्स्ट्रा पैसे देने के लिए तैयार रहिए.

हवाई सफर पर असर

सिर्फ ज़मीन ही नहीं, आसमान में उड़ना भी अब महंगा हो गया है. कई एयरलाइंस ने चेक-इन बैगेज की फीस बढ़ा दी है ताकि वो ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों की भरपाई कर सकें. कुल मिलाकर, आम आदमी के लिए कहीं भी आना-जाना अब सस्ता नहीं रहा. शिकागो के फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी का कहना है कि जैसे-जैसे ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ेगी, इसका असर बाकी चीज़ों की कीमतों पर भी दिखेगा. इसे उन्होंने ‘स्टीकर शॉक’ का नाम दिया है. यानी जब ग्राहक सामान खरीदने जाएगा और अचानक बढ़ी हुई कीमत देखेगा, तो उसे झटका लगना लाज़मी है. न्यूयॉर्क की एनालिस्ट रेचेल ज़िएम्बा का कहना है कि ये एक ग्लोबल मार्केट है और अमेरिका इस संकट से बच नहीं सकता. जो एक्सपर्ट हफ्ते भर पहले तक थोड़े परेशान थे, वो अब बहुत ज़्यादा टेंशन में हैं.

सप्लाई चेन की प्रोब्लम

जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते में रुकावट आने से तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका सबसे पहला असर एशिया पर पड़ा जहां सरकारों ने तेल के इस्तेमाल में कटौती शुरू कर दी है. यूरोप में भी इसकी किल्लत महसूस होनी शुरू हो चुकी है. अमेरिका इस लिस्ट में आखिरी नंबर पर है क्योंकि खाड़ी देशों से तेल पहुंचने में 35 से 45 दिन लगते हैं. लेकिन अप्रैल के आखिर या मई तक अमेरिका के कैलिफोर्निया जैसे इलाकों में तेल की भारी कमी और ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ सकता है. यानी क्लियर है कि ईरान की इस जंग ने अमेरिका के हैप्पी डेज़ पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है.

यह भी पढ़ेंः दुनिया भर की टेंशन और सोने की बढ़ती पेंशन, जंग के बीच Gold बना सुपरस्टार, चांदी ने भी दिखाए तेवर

Related Articles