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यहां भक्त खाते हैं चूहों का जूठा प्रसाद

by Live India
यहां भक्त खाते हैं चूहों का जूठा प्रसाद

Karni Mata Mandir: मंदिरों में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है और जानवरों को आने की अनुमति नहीं होती, लेकिन राजस्थान के बॉर्डर इलाके में स्थित करणी माता मंदिर में चूहों को प्रसाद खिलाया जाता है.

7 अप्रैल, 2026

भारत अपनी आस्था और संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां कदम-कदम पर रीति-रिवाज और मान्यताएं बदल जाती हैं. हर राज्य के हर हिस्से में कोई-न-कोई अनूठी परंपरा है. हर मंदिर की अपनी कथा है और लोगों का उसमें विश्वास है. आज हम आपको इसी तरह के अनोखे मंदिर के बारे में बताएंगे. आमतौर पर मंदिरों में देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है और जानवरों को आने की अनुमति नहीं होती, लेकिन राजस्थान के बॉर्डर इलाके में स्थित करणी माता मंदिर में चूहों को प्रसाद खिलाया जाता है. वहीं सबसे हैरानी की बात यह है कि इस मंदिर में चूहों का जूठा प्रसाद ही भक्तों में बांटा जाता है.

Karni Mata Mandir

चूहों का जूठा प्रसाद खाते हैं भक्त

यह मंदिर बीकानेर जिले के बॉर्डर इलाके में है, जो अपनी मान्यता के लिए दुनियाभर में मशहूर है. चूहों को यहां खासतौर पर पवित्र माना जाता है, इसलिए करणी माता मंदिर में 1-2 नहीं, बल्कि 25,000 चूहे रहते हैं. सभी भक्त जो भी प्रसाद लाते हैं, उसे करणी माता को चढ़ाने के बाद वहां के चूहों को भोग लगाया जाता है. इसके बाद वही प्रसाद भक्तों में बांटा जाता है. यहां चूहों को काबा कहते हैं. बता दें, मंदिर में चूहों को जूठा प्रसाद चढ़ाना या खाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन भक्त इसे अपनी आस्था से खाते हैं.

आरती में निकलते हैं हजारों चूहें

भक्तों के अनुसार, अगर पूजा के दौरान सफेद चूहा दिख जाए, तो उनकी मनोकामना पूरी होती है. मंदिर में शाम की आरती के समय, बड़ी संख्या में चूहे अपने बिलों से बाहर निकलते हैं. मंदिर में चूहों की बड़ी संख्या के कारण, इसे मूषक मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. चूहों का मारना गंभीर पाप माना जाता है और अगर किसी ने गलती से चूहे को मार दिया तो उसे सोने का चूहा चढ़ाना पड़ता है. मुगल स्टाइल में बने और सफेद मार्बल से बने इस मंदिर में चांदी के दरवाजे हैं. इस मंदिर को किसने बनवाया था?

Karni Mata Mandir

चूहों को क्यों मानते हैं पवित्र

यह मंदिर बीकानेर राज्य के महाराजा गंगा सिंह ने बनवाया था. कहा जाता है कि माता करणी देवी दुर्गा का अवतार हैं. माता करणी का जन्म एक शाही परिवार में हुआ था. शादी के बाद, उन्होंने सांसारिक दुनिया से रिश्ता तोड़ दिया और एक तपस्वी जीवन जीना शुरू कर दिया. करणी माता कई चमत्कारों और रहस्यमयी शक्तियों के लिए जानी जाती हैं. एक मशहूर कहानी उनके सौतेले बेटे लक्ष्मण के बारे में है, जो कोलायत के पास डूब गया था. कहा जाता है कि माता ने तपस्या कर यमराज से अपने बेटे के प्राण वापस मांगे, तब यमराज ने उनके बेटे को चूहे के रूप में पुनर्जीवन दिया था. तब से चूहों को यहां करणी माता के बच्चों के तौर पर पूजा जाता है.

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