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UP में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बनी फरिश्ता

by Live India
Child Helpline 1098 Becomes an Angel in UP

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UP Government : यूपी में योगी सरकार गुमशुदा बच्चों को लेकर काफी सक्रिय है. हेल्पलाइन नंबर 1098 इस समय परिजनों के लिए फरिश्ता के रूप में काम कर रही है और कई बच्चों को अभी तक ढूंढ भी निकाला है.

11 अप्रैल 2026

यूपी सरकार: योगी सरकार में महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है. खासतौर पर गुमशुदा बच्चों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर योगी सरकार का अभियान लगातार असर दिखा रहा है. शुक्रवार को महिला कल्याण निदेशालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 26 हजार से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण किया गया है. ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि सरकार इस दिशा में लगातार गंभीरता काम किया जा रहा है.

1098 हेल्पलाइन काफी कारगर

प्रदेश में महिला कल्याण निदेशालय के मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का संचालन किया जा रहा है. चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एक इमरजेंसी सेवा है, जो 24×7 काम करती है. इसके माध्यम से संकट में फंसे बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती है. यहां 18 साल से कम उम्र के गुमशुदा बच्चों-किशोरों की शिकायतें दर्ज की जाती हैं. इस संबंध में यूपी चाइल्ड हेल्पलाइन कंट्रोल रूम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में गुमशुदा या खोए हुए बच्चों की कुल 28,945 शिकायतें दर्ज की गई थी.

26 हजार से ज्यादा शिकायतों का हो चुका निस्तारण

कंट्रोल रूम के आंकड़ों के मुताबिक, जिसमें से करीब 26,239 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है. साथ ही 2,706 मामलों में अभी भी कार्रवाई जारी है. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योगी सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रही है. वहीं, सरकार के प्रयासों का असर जमीनी स्तर पर भी दिख रहा है. बांदा जिले की रहने वाली एक महिला का 6 वर्षीय बेटा 2015 में चित्रकूट परिक्रमा के दौरान लापता हो गया था. तमाम प्रयास के बावजूद बेटे की तलाश नहीं हो पाई थी. चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की मदद स करीब 10 साल बाद उसको खोज निकाला गया और उसे उसकी मां को सौंप दिया गया.

सरकार की प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा

योगी सरकार में सिर्फ गुमशुदगी ही नहीं, बल्कि बाल शोषण के मामलों में भी हेल्पलाइन 1098 सक्रिय भूमिका निभा रही है. इसी तरह एटा जिले में एक बच्चे को बाल श्रम और शारीरिक उत्पीड़न से मुक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. काउंसिलिंग और इलाज के बाद उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया था. इस तरह प्रदेश की योगी सरकार में बच्चों की सुरक्षा भी प्राथमिकता में शामिल है. चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जरिए न सिर्फ शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो रहा है, बल्कि बच्चों को नया जीवन भी मिल रहा है.

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