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क्या मोदी कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल!

by Live India
क्या मोदी कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल!

मोदी कैबिनेट: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने से पहले 21 मई को होने वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. इसे सरकार की मध्यावधि समीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कामकाज की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति और कैबिनेट फेरबदल की अटकलों पर भी नजर रहेगी.

मंत्रालयों द्वारा कार्यों की होगी समीक्षा बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 मई को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. ये बैठक ऐसे समय हो रही है जब NDA सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे करने की दहलीज पर खड़ी है. सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ नियमित समीक्षा बैठक नहीं बल्कि सरकार के प्रदर्शन का मिड-टर्म स्टॉकटेकिंग एक्सरसाइज है. इस दौरान जून 2024 से अब तक मंत्रालयों द्वारा किए गए सुधारों की समीक्षा की जाएगी. जून 2024 से अब तक के सुधार पर चर्चा होगी. सभी मंत्रालयों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों और सुधारों का विस्तृत ब्यौरा देने को कहा गया है. इस मौके पर सभी मंत्रालयों से रिपोर्ट तलब किय्या गया है. इन सुधारों को चार हिस्सों- विधायी बदलाव, वैधानिक नियमों में संशोधन, नीतिगत सुधार और प्रशासनिक सुधार में वर्गीकृत किया गया है.

सचिव देंगे अपने प्रस्तुति

बैठक में कृषि, वाणिज्य, ऊर्जा, पर्यावरण और परमाणु ऊर्जा समेत करीब एक दर्जन मंत्रालयों के सचिव अपनी प्रस्तुति देंगे. सरकार का जोर अनुपालन के बोझ को कम करने, नियमों को सरल बनाने और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर करने पर रहेगा. साथ ही पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन संरक्षण जैसे मुद्दे भी एजेंडे में प्रमुख रहेंगे. राजनीतिक तौर पर भी इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मोदी 2.0 के अधिकांश मंत्रियों के मौजूदा सरकार में बने रहने के कारण कैबिनेट फेरबदल की संभावनाओं पर भी चर्चा तेज हो सकती है. इस बात की तस्दीक राजनीतिक विशेषज्ञ भी करते हैं. गौरतलब है कि यह बैठक पहले 7 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे 21 मई तक स्थगित कर दिया गया. इसी बीच 5 से 21 जून तक देशभर में BJP अपने दो साल के कामकाज के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान भी चलाने जा रही है. ऐसे में 21 मई की यह बैठक सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे सरकार के अगले दो वर्षों की नीति, राजनीतिक संदेश और प्रशासनिक दिशा तय करने वाली अहम कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.

कामकाज को जन-जन तक पहुंचाना

इससे पहले 2025 में भी मोदी मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थीं. उस बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को अपने अपने मंत्रालय में किये गए सुधार की रुपरेखा की बातों को स्पष्ट रूप से बैठक में रखने को कहा. मोदीं सरकार का फोकस रिफॉर्म के जरिये सरकार के कामकाज को देश के जन जन तक पहुंचना है. उम्मीद की जा रही है कि मोदी मंत्रिपरिषद की बैठक के ठीक बाद मोदी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है.

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