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कोर्ट में गिरिबाला सिंह: एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज का दिन बेहद अहम है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को आज कोर्ट में पेश करेगी. सीबीआई ने तीन दिनों की कड़ी पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन और डिजिटल सबूतों की जांच के बाद गुरुवार को करीब 7 घंटे की सघन पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था. आज होने वाली इस कोर्ट पेशी पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां सीबीआई उनकी रिमांड की मांग कर सकती है.
ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई पहले ही रिमांड पर ले चुकी है. सूत्रों का कहना है कि आज कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सीबीआई समर्थ और उनकी मां गिरिबाला सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी. दोनों के बयानों में मौजूद विरोधाभास को दूर करने और घटना की रात के सच को सामने लाने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले कल रात गिरिबाला को मेडिकल चेकअप के लिए मैनिट परिसर भी ले जाया गया था.
सबूतों से छेड़छाड़ का संकेत
सीबीआई ने इस मामले में बीते 25 मई की रात को औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी. इसके बाद से ही एजेंसी एक्शन मोड में है. 26 मई को जांच टीम पहली बार भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला के घर पहुंची थी. पिछले तीन दिनों में सीबीआई ने गिरिबाला से करीब 10 घंटे तक तीखे सवाल-जवाब किए. 28 मई को भी टीम ने सुबह साढ़े 10 बजे से लगातार 7 घंटे पूछताछ की. स्पॉट वेरिफिकेशन के दौरान एजेंसी को ऐसे पुख्ता संकेत मिले कि मौत के बाद घटनास्थल पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसके बाद ही यह गिरफ्तारी की गई.
ट्विशा के डिजिटल अवतार से खुलेगा राज
इस हाई प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए सीबीआई आज बेहद आधुनिक ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का सहारा ले रही है. इसके तहत ट्विशा के आखिरी घंटों का एक वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार किया जा रहा है. जांच एजेंसी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तीन मंजिला मकान की फॉरेंसिक मैपिंग को आपस में जोड़ रही है. इसके जरिए कैमरों के टाइमस्टैंप और मोबाइल एक्टिविटी का मिलान कर एक वर्चुअल वॉकथू्र बनाया जा रहा है, ताकि यह सटीक पता चल सके कि घटना से ठीक पहले और बाद में घर के भीतर किस-किस की मूवमेंट थी.
परिजनों के आरोपों के बाद सीबीआई को मिली कमान
गौरतलब है कि 12 मई की रात को भोपाल स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी, लेकिन परिजनों द्वारा जांच पर गंभीर सवाल उठाने और मामले के तूल पकडऩे के बाद इसे सीबीआई को सौंप दिया गया. आज गिरिबाला की पेशी के बाद सीबीआई इस मामले में परिवार के अन्य सदस्यों, घरेलू कर्मचारियों और घटना के बाद संपर्क में आए बाहरी लोगों को भी पूछताछ के लिए समन भेज सकती है.
