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बार पर हमला: झारखंड के जमशेदपुर में छेड़छाड़ का विरोध करने पर करणी सेना के कद्दावर नेता की हत्या कर दी गई. वारदात के बाद जमशेदपुर में तनाव फैल गया. करणी सेना ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया. सैकड़ों लोग धरने पर बैठ गए. लोगों ने पुतला फूंककर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया. स्थानीय करणी सेना नेता की हत्या के बाद हिंसक प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने बुधवार को शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी. शहर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं. पुलिस ने शहर के कई हिस्सों में फ्लैग मार्च किया.
चाकू से हमला कर ली जान
स्टील सिटी जमशेदपुर में सोमवार रात जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुए. शनिवार को बिष्टुपुर के एक बार में छेड़छाड़ की घटना का विरोध करने पर हमलावरों ने करणी सेना नेता हिमांशु सिंह (28) पर चाकू से हमला कर दिया था. जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई. उनके दोस्त को भी चाकू मारा गया था और वह स्थानीय अस्पताल में गंभीर हालत में है. शनिवार रात बार में हिमांशु सिंह और उसके दोस्त ने जब छेड़खानी का विरोध किया तो हमलावरों ने दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया. इसके बाद आरोपियों ने हिमांशु सिंह और उनके दोस्त को गाड़ी से बाहर खींच लिया और उन पर चाकू से हमला कर दिया. करणी सेना नेता के परिवार ने उनके शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है.
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम
सोमवार रात उन्होंने कहा कि प्रशासन को 48 घंटे के भीतर दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए और उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो सिंह पर चाकू से हमला होने के समय वहां मौजूद थे. बुधवार को 48 घंटे की समय-सीमा खत्म होने के साथ और विरोध-प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए ढालभूम के सब-डिविजनल ऑफिसर अर्नव मिश्रा ने शहर के साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, मांगो और MGM पुलिस स्टेशन इलाकों में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी. मिश्रा ने कहा कि प्रशासन को हत्या के विरोध में संभावित सड़क जाम और प्रदर्शनों की जानकारी मिली है और इससे इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है.

हटाए गए पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध अगले आदेश तक लागू रहेंगे. सोमवार की रात गुस्साई भीड़, जिसमें मृतक के परिवार के सदस्य भी शामिल थे, ने बिस्टुपुर में लगभग छह घंटे तक सड़क जाम कर दिया था, जिससे यातायात बाधित हो गया. मंगलवार देर रात झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी को हटाने का आदेश दिया. चाकूबाजी की घटना के संबंध में लापरवाही के लिए चार पुलिस कर्मियों को पहले ही निलंबित कर दिया गया है.
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