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सीजेपी विरोध: दिल्ली के जंतर पर कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया है. साथ ही बीते चार दिनों से एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखी. उन्होंने कहा कि वे ठीक महसूस कर रहे हैं, लेकिन थोड़ी सी थकान है. वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की सेहत को लेकर चिंता जाहिर की है. वहीं, सेहत की जानकारी देते हुए वांगचुक ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर कम पाया गया है उन्हें डॉक्टर्स ने पानी का सेवन बढ़ाने की सलाह दी है. उनका ब्लड शुगर लेवल बना हुआ है और यह तीन दिन तक खाना नहीं खाने की वजह से हुआ है.
650 ग्राम वजन रोज कम हो रहा
वांगचुक ने कहा कि मेरा शुगर लेवल 66 हैं, जो बहुत कम है… लेकिन ऐसा 3 दिन से कुछ न खाने की वजह से है. कीटोसिस की स्थिति में शरीर फैट वगैरह का इस्तेमाल करने लगता है. लंबे समय तक उपवास रखने पर शरीर मांसपेशियों और अंगों का भी इस्तेमाल कर सकता है, जिससे मौत भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि मेरी स्थिति अभी ऐसा नहीं है. बताया जा रहा है कि वांगचुक का वजन दो किलोग्राम कम हो गया है और रोजाना करीब 650 ग्राम वजन कम हो रहा है. इस दौरान वांगचुक ने समर्थकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन 20 से ज्यादा छात्रों, जिन्होंने अपनी जान दे दी और लद्दाख में पिछले सितंबर में मारे गए पांच युवाओं की तुलना में मेरी तकलीफें कुछ भी नहीं है.
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इनेश नाम के छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया
वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि इनेश नाम का एक छात्र जो विरोध स्थल पर आठ दिनों से भूख हड़ताल पर था. मंगलवार रात हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अब ठीक हो रहा है. इसके अलावा दीपके ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि इनेश अस्पताल में तेजी से रिकवर कर रहा है और हमारी टीम उसके संपर्क में है. साथ ही हम भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. एक बार फिर सरकार पर निशाना साधते हुए दीपके ने कहा कि जवाबदेही की मांग कई घटनाओं के बाद उठी है, जिनमें कथित तौर पर पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामले भी शामिल हैं.
ऐसी अहंकार सरकार कभी नहीं देखी
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार की जवाबदेही की मांग करने के लिए क्या-क्या हुआ है. इस दौरान अनगिनत पेपर लीक, लाखों सपने टूटे, 20 से ज्यादा छात्रों की आत्महत्या और एक शिक्षाविद व युवाओं की भूख हड़ताल शामिल है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने इससे पहले कभी अहंकारी सरकार नहीं देखी है. वहीं, AISA ने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी है, क्योंकि विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज चौथा दिन है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
