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डॉक्टर्स डे से डॉक्टरों की हड़ताल

by Live India
Doctors Strike in Odisha

ओडिशा में डॉक्टरों की हड़ताल: ओडिशा में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है. आज इसका दूसरा दिन है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों के करीब 8,000 डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं. यह हड़ताल 1 जुलाई डॉक्टर्स डे से शुरू हुई है. इनकी इस हड़ताल की वजह से राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हो रही है. इसके साथ ही मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आइए जानते हैं पूरी खबर.

10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने स्थानांतरण नीति (transfer policy) में पारदर्शिता और कैडर पुनर्गठन सहित 10 सूत्री मांगों को लेकर धरना पर हैं. इसको लेकर आज गुरुवार को लगातार दूसरे दिन उन्होंने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सेवाएं प्रभावित हुईं हैं.

ओडिशा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले लगभग 8,000 डॉक्टरों ने बुधवार को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय के अस्पतालों और उप-मंडलों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य सुविधाओं पर काम बंद आंदोलन शुरू किया.

हालांकि, ओएमएसए के एक अधिकारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर काले बैज पहनकर मरीजों की देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संविदा पर नियुक्त डॉक्टरों ने कई स्वास्थ्य सुविधाओं में अपनी सेवाएं जारी रखीं.

सरकार ने हमारी मांगों को नजरअंदाज किया- किशोर चंद्र

ओडिशा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर चंद्र मिश्रा ने कहा, “चूंकि सरकार ने हमारी जायज मांगों को नजरअंदाज कर दिया है, जिनमें डॉक्टरों के लिए सीजीएचएस के बराबर डीएएसपी, सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं, इसलिए हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हुए हैं.”

उन्होंने कहा कि अगर सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान के लिए अधिकारी जिम्मेदार होंगे. एक अन्य अधिकारी ने कहा, “हड़ताल ने कई सरकारी अस्पतालों, विशेष रूप से जिला और ग्रामीण क्षेत्रों में, बाह्य रोगी विभागों (ओपीडी) और नियमित देखभाल सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है.”

इलाज के लिए मरीज परेशान

डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने के कारण, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जाजपुर के जिला मुख्यालय अस्पतालों में ओपीडी के मरीज लंबी कतारों में खड़े नजर आए. अधिकारी ने बताया कि कई मरीज ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं प्राप्त किए बिना ही घर लौट गए. उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है.

बालासोर जिला मुख्यालय अस्पताल में एक महिला ने कहा, “मैं सुबह 7 बजे से कतार में खड़ी हूं और तीन घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कोई भी वरिष्ठ डॉक्टर ओपीडी में नहीं आया. सेवाओं के लिए केवल कुछ ही डॉक्टर उपलब्ध हैं.”

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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