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एकल यात्रा: भारत में अकेले (सोलो) बस यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. हालिया ट्रैवल रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका मुख्य कारण केवल नौकरी या व्यवसाय की व्यस्तता नहीं है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग मानसिक शांति और एकांत यात्रा के लिए भी बसों को चुन रहे हैं. आधुनिक स्लीपर बसें यात्रियों को निजी केबिन जैसी सुविधाएं दे रही हैं, जिससे उन्हें बिना किसी दखल के अपना निजी समय बिताने का मौका मिल रहा है. इसके अलावा ट्रेनों में टिकट न मिलना, उड़ानों का महंगा होना और बसों की आसान ऑनलाइन बुकिंग व लचीला समय इस बदलाव की बड़ी वजहें हैं. युवा अब अपनी मर्जी से घूमने और खुद को तलाशने के लिए बसों से अकेले सफर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं बसें
भारत में अब अकेले यात्रा करना कोई अनोखी बात नहीं रही. ज़्यादा से ज़्यादा यात्री अकेले घूमना पसंद कर रहे हैं, ताकि उन्हें दोस्तों का इंतज़ार करने, छुट्टियों की तारीखें मिलाने या सबके हिसाब से प्लान बदलने की झंझट न हो. हो सकता है कि कोई स्टूडेंट रात भर बस का सफ़र करके पांडिचेरी जाए, कोई युवा प्रोफ़ेशनल काम के तुरंत बाद कूर्ग निकल जाए, या कोई भक्त दर्शन के लिए अकेले तिरुपति की यात्रा करे. सस्ती और आसानी से उपलब्ध बस यात्रा ने आज के घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए अकेले यात्रा करना आम बात बना दिया है. ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स ने हर यात्रा की तुलना करना, उसे बुक करना और ट्रैक करना और भी आसान बना दिया है.
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अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी
ट्रैवल और बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म की कई हालिया स्टडीज़ से पता चलता है कि भारत में अकेले यात्रा करने का चलन बढ़ रहा है. इस बदलाव में ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) सबसे आगे है. ICICI लोम्बार्ड की ‘वेंडरसेफ़ ट्रैवल रिपोर्ट’ के अनुसार, दूसरी पीढ़ियों की तुलना में उनके अकेले यात्रा करने की संभावना तीन गुना ज़्यादा है. अकेले यात्रा करने वाली महिलाएं भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रही हैं. जैसे-जैसे ज़्यादा भारतीय महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, वे अपनी शर्तों पर घूमना-फिरना पसंद कर रही हैं. कोरोना महामारी के बाद से अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की बुकिंग में 5 गुना बढ़ोतरी हुई है.

अकेले यात्रा के चलन में बढ़ोतरी के कुछ मुख्य कारण ये हैं
● अपनी गति से घूमना: अकेले यात्रा करने का मतलब है कि आप अपना यात्रा कार्यक्रम खुद तय कर सकते हैं और बिना किसी समझौते के वही कर सकते हैं जो आपको पसंद है.
● काम के लचीले तरीकों की वजह से, पेशेवर बिना छुट्टी लिए काम करते हुए भी यात्रा कर सकते हैं.
● शेड्यूल का कोई झंझट नहीं: अकेले यात्रा की योजना बनाना आसान होता है क्योंकि इसमें दूसरों के साथ तारीखों या बजट का तालमेल बैठाने की ज़रूरत नहीं होती.
● बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर: अब बड़ी संख्या में हॉस्टल और शेयर्ड अकोमोडेशन खास तौर पर अकेले यात्रा करने वालों के लिए सुविधाएं दे रहे हैं, जिससे यात्रा की योजना बनाना पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो गया है.
क्यों पसंदीदा विकल्प बनती जा रही हैं बसें
भारत में अकेले यात्रा करने वालों के लिए बसें कई कारणों से एक बेहतरीन विकल्प बन गई हैं.
● व्यापक कनेक्टिविटी: कई दूर-दराज़ के कस्बों, हिल स्टेशनों और कम मशहूर जगहों तक ट्रेनें नहीं जातीं. बसें इन जगहों तक पहुंचना आसान बनाती हैं.
● किफायती यात्रा: बस के टिकट आम तौर पर फ्लाइट या ट्रेन के टिकट से सस्ते होते हैं, इसलिए ये कम बजट में नई जगहों को देखने वाले अकेले यात्रियों के लिए बहुत अच्छे होते हैं.
● आरामदायक यात्रा: प्रीमियम बसों में अब AC कोच, आरामदायक स्लीपर बर्थ और चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जिससे अकेले यात्रा करना पहले से कहीं ज़्यादा आरामदायक हो गया है.
● यात्रा के दौरान सुरक्षा: लाइव ट्रैकिंग और लोकेशन शेयरिंग जैसे फीचर्स अकेले यात्रा करने वालों, खासकर महिलाओं को पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा का एहसास कराते हैं और मन को शांति देते हैं.
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डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म यात्रा को कैसे बना रहे आसान
पहले, बस टिकट बुक करने का मतलब था लोकल काउंटर पर लंबी लाइनों में खड़ा होना. डिजिटल बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म ने इसे पूरी तरह से बदल दिया है और अकेले यात्रा करने वालों को कई फ़ायदे दिए हैं, जिससे यात्रा की योजना बनाना आसान हो गया है.
यात्रा की सारी जानकारियां एक ही जगह पर
रूट की जानकारी और ऑपरेटर के रिव्यू से लेकर बस की सुविधाओं और रियल-टाइम सीट की उपलब्धता तक, अकेले यात्रा करने वालों को जो कुछ भी चाहिए, वह अब बस कुछ ही टैप की दूरी पर है.

आसान बुकिंग प्रोसेस
मोबाइल ऐप या वेबसाइट के ज़रिए ऑनलाइन बुकिंग में बस कुछ ही मिनट लगते हैं. यात्री ज़रूरत पड़ने पर बुकिंग मैनेज कर सकते हैं, कैंसिलेशन के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं या यात्रा की तारीखें बदल सकते हैं.
असली यात्रियों के रिव्यू
अकेले यात्रा करने वाले किसी ऑपरेटर को चुनने से पहले सफ़ाई, सुविधाओं और समय की पाबंदी के बारे में रिव्यू देख सकते हैं. कुछ प्लेटफ़ॉर्म उन बसों को भी हाइलाइट करते हैं जिन्हें महिला यात्री पसंद करती हैं, जिससे अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को ज़्यादा भरोसेमंद विकल्प चुनने में मदद मिलती है.
महिलाओं के लिए रिजर्व सीटें
कई प्लेटफ़ॉर्म महिलाओं के लिए रिज़र्व सीट की सुविधा देते हैं, जिससे वे दूसरी महिला यात्रियों के साथ बैठ सकती हैं और यात्रा के दौरान ज़्यादा आरामदायक महसूस कर सकती हैं.
लाइव ट्रैकिंग और अपडेट
रियल-टाइम ट्रैकिंग से अकेले यात्रा करने वाले अपनी यात्रा पर नज़र रख सकते हैं और रास्ते में परिवार के सदस्यों को अपडेट देते रह सकते हैं.
अकेले यात्रा के लिए बस बुक करने वाले प्लेटफ़ॉर्म
भारत में अकेले यात्रा करने के चलन को कई बस बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म ने बढ़ावा दिया है. इनमें से अकेले यात्रा करने वाले ज़्यादातर इन प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हैं.
रेडबस: अकेले यात्रा करने वालों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प red Bus देश भर में कई रूटों पर बस सेवा देता है. इसमें अकेले यात्रा करने वालों के लिए कई खास सुविधाएं भी हैं, जैसे बस को ट्रैक करने के लिए ‘लाइव बस ट्रैकिंग’, प्लान में बदलाव होने पर ‘फ्लेक्सी टिकट’ और ‘महिलाओं के लिए बुकिंग’ (Booking for Women) – जिससे महिला यात्रियों को ऐसी बसें खोजने में मदद मिलती है जिन्हें दूसरी महिला यात्रियों ने अच्छी रेटिंग दी हो.
अभीबस: अकेले यात्रा करने वालों के बीच एक और लोकप्रिय प्लेटफॉर्म Abhi Bus है. यह प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह के बस ऑपरेटरों की सुविधा देता है और महिला यात्रियों के लिए ‘पिंक सीट’ का विकल्प भी उपलब्ध कराता है.
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मेकमायट्रिप: जो यात्री एक ही जगह पर सारी सुविधाएं चाहते हैं, उनके लिए MakeMyTrip एक बेहतरीन विकल्प है. यह यूज़र्स को बस, फ़्लाइट, होटल और हॉलिडे पैकेज बुक करने की सुविधा देता है और यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी और प्लान एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है.
पिछले कुछ सालों में अकेले यात्रा करना देश घूमने का एक लोकप्रिय तरीका बन गया है. वीकेंड की छोटी यात्राओं से लेकर तीर्थ यात्राओं तक, अकेले यात्रा करने वाले लोग जो सस्ता, सुविधाजनक और आसानी से उपलब्ध ट्रांसपोर्ट चाहते हैं, उनके लिए बसें एक पसंदीदा विकल्प बन गई हैं. redBus जैसे आधुनिक सुविधाओं वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म अकेले बस यात्रा को पहले से कहीं ज़्यादा आसान, सुविधाजनक और सुरक्षित बना रहे हैं.
क्या ऑनलाइन बस बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म सुरक्षित हैं?
हां. ज़्यादातर बड़े प्लेटफ़ॉर्म सुरक्षित पेमेंट के तरीके, डिजिटल टिकट और कस्टमर सपोर्ट सर्विस देते हैं, जिससे किसी भी तरह की समस्या को जल्दी हल करने में मदद मिल सकती है.
इन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
बुकिंग से पहले ऑपरेटर की रेटिंग, बोर्डिंग और ड्रॉपिंग पॉइंट, यात्रा का समय, बस में मिलने वाली सुविधाएं और कैंसिलेशन पॉलिसी देखना फ़ायदेमंद होता है. हाल ही में यात्रा करने वाले यात्रियों के रिव्यू पढ़ने से भी काम की जानकारी मिल सकती है.

क्या रात भर चलने वाली बसें अच्छा विकल्प हैं?
अकेले यात्रा करने वालों के लिए रात भर चलने वाली बसें सुविधाजनक विकल्प हो सकती हैं, खासकर लंबे रूट पर. इनसे यात्रा का समय बच सकता है और आप अगली सुबह अपनी मंज़िल तक पहुंच सकते हैं, जिससे रहने-ठहरने का खर्च भी कम हो सकता है.
अकेले यात्रा करने वाली महिलाएँ अपनी यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए इन सुझावों को अपना सकती हैं:
● भरोसेमंद बस बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म से टिकट बुक करें.
● अच्छी रेटिंग और रिव्यू वाले बस ऑपरेटर चुनें.
● जहां उपलब्ध हो, वहां सिर्फ़ महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का विकल्प चुनें.
● लाइव ट्रैकिंग चालू रखें और यात्रा की जानकारी परिवार या दोस्तों के साथ शेयर करें.
● वेरिफ़ाइड बोर्डिंग और ड्रॉपिंग पॉइंट को प्राथमिकता दें, खासकर रात की यात्रा के लिए.
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