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Bahuda Yatra: सात दिन अपनी मौसी के घर विश्राम करके अब भगवान जगन्नाथ अपने मुख्य मंदिर जाएंगे. आज भगवान जगन्नाथ की बहुदा यात्रा निकाली जाएगी, जिसके लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बहुदा यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा लगभग 2.6 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर से वापस जगन्नाथ मंदिर लौटते हैं. ADG सौमेंद्र प्रियदर्शी ने कहा, “त्योहार के लिए हमारे पास कई लेयर वाली सुरक्षा व्यवस्था है क्योंकि भक्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है. हमारी सिक्योरिटी और भीड़ मैनेजमेंट व्यवस्था 16 जुलाई को रथ यात्रा के दौरान किए गए बंदोबस्त जैसी ही है.”
पोड़ा पीठा का प्रसाद ग्रहण करते हैं महाप्रभु
आज शाम 6 बजे भक्तों के लिए दर्शन बंद कर दिए जाएंगे. इसके बाद रस्में निभाई जाएंगी और यात्रा शुरू होगी. श्री जगन्नाथ मंदिर में सदियों से महाप्रभु की मानव लीला की परंपरा चली आ रही है. रथ यात्रा के दौरान महाप्रभु सबसे पहले अपने मुख्य मंदिर से गुंडिचा मंदिर जाते हैं, जिसे उनका जन्मस्थान माना जाता है. वहां 7 दिन विश्राम करने के बाद बहुदा यात्रा निकाली जाती है. लौटते समय वे रास्ते में मौसी मां मंदिर में रुकते हैं और उनके हाथों से पोड़ा पीठा का प्रसाद ग्रहण करते हैं. यह परंपरा सालों से चली आ रही है.
Bahuda Yatra – 2026
Jay Jagannath 🙏🏻 pic.twitter.com/4CbdR7iNYI
– पुरी पुलिस (@SPPuri1) 24 जुलाई, 2026
AI कैमरा से लगातार होगी मॉनिटरिंग
अधिकारियों ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान भीड़ बढ़ने से दो भक्तों की मौत और कई अन्य के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भीड़ मैनेजमेंट और भक्तों के साथ रियल-टाइम जानकारी शेयर करने पर ज्यादा जोर दिया. बुधवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने पुलिस को भीड़ की लगातार मॉनिटरिंग करने और CCTV कैमरों से मिलने वाली फीड्स को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के साथ जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी अनहोनी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. उन्होंने भक्तों से प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की भी अपील की. सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के जवानों समेत 13,000 से ज़्यादा जवानों की तैनाती के अलावा, रियल-टाइम सर्विलांस और भीड़ की मॉनिटरिंग के लिए पूरे शहर में 400 से ज़्यादा AI वाले CCTV कैमरे लगाए गए हैं.
पहंडी के बाद होगी छेरा पहरा की रस्म
DGP वाईबी खुरानिया ने कहा, “हम त्योहार को आसानी से खत्म करने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं.” श्री जगन्नाथ मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन (SJTA) के मुताबिक, देवताओं को रथों तक ले जाने की विधि ‘पहंडी’ को दोपहर में शुरू किया जाएगा.” ‘पहंडी’ के बाद पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ‘छेरा पहरा’ (रथों की सफाई) की रस्म करेंगे, जिसके बाद भक्त तीनों रथों को जगन्नाथ मंदिर की ओर खींचेंगे. इस बीच, IMD ने पुरी में बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है, नमी 80 से 90 प्रतिशत के बीच रहने और तापमान 29-30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
