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Nirmala Sitharaman: आयकर विभाग को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा है कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो, इसको देखते हुए विभाग काम करे.
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग से कहा कि वे आम लोगों को बिना इधर-उधर दौड़ाए उनके भले के लिए काम करें. उन्होंने सरकारी विभागों के “सुस्त” रवैये पर भी निराशा जताई, जिसकी वजह से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे या अतिक्रमण होते हैं. साथ ही, उन्होंने सभी अधिकारियों से ईमानदारी से काम करने की जरूरत पर जोर दिया.
लोगों को इधर-उधर न दौड़ाएं- वित्त मंत्री
नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में एक इमारत बनाने की मंजूरी पाने में विभाग को आई मुश्किलों का जिक्र करते हुए—जिसका उद्घाटन उन्होंने रविवार को किया था—सीतारमण ने कहा कि इन अनुभवों से उन्हें अंदाजा हो गया होगा कि आम आदमी को किन हालात से गुजरना पड़ता है, भले ही वे इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) में काम करते हों.
सीतारमण ने याद दिलाया कि एक IRS अधिकारी के पीछे इनकम टैक्स विभाग का नाम होता है, जो “लोगों को डराने के लिए एक ताकतवर जरिया” है. इसके बावजूद, 13 मंजिला इमारत का काम आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों को मंजूरी पाने के वास्ते अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े.
वित्त मंत्री ने कहा, “क्या यह (अनुभव) आपको उस आम नागरिक की स्थिति समझने के लिए प्रेरित कर सकता है जो आपके पास आता है? जहां आपकी मंजूरी की जरूरत हो, वहां उन्हें इधर-उधर न दौड़ाएं; उनका काम कर दें.”
जमीन पर अवैध कब्जे हो गए थे- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री सीतारामण ने कहा कि जिस जमीन पर 1.13 लाख वर्ग फुट की इमारत ‘आयकार सिंधु’ बनी है, वह 1973 से आयकर विभाग के पास थी, और इसके बावजूद उस जमीन पर अवैध कब्जे हो गए थे.
उन्होंने कहा, “जिस तरह से आपने इस भूमि पर अवैध कब्जे करवाए, उससे पता चलता है कि हमारी शासन व्यवस्था में कहीं न कहीं हम बहुत लापरवाह हैं. हमारी संपत्तियों की देखभाल करना किसी की जिम्मेदारी है, और जब उन पर अतिक्रमण होता है, तो हम कहते हैं, अरे, जमीन तो हमारे पास है, लेकिन हम निर्माण नहीं कर सकते.”
सीतारामण ने मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्रों में कई आईटी अधिकारियों के आधिकारिक आवासों में न रहने के मुद्दे पर गौर करने का भी वादा किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनमें से आधे अधिकारियों को ऐसी सुविधा प्राप्त नहीं है और उन्हें कार्यस्थलों तक पहुंचने के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती है.
ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत- सीतारमण
सीतारमण ने कहा कि वह इस उद्देश्य के लिए सरकार से सरकार को भूमि हस्तांतरण को प्राथमिकता देंगी और उन्होंने आश्वासन दिया कि वह भूमि के त्वरित हस्तांतरण को सुगम बनाएंगी व अनुमति प्राप्त करना, भवन निर्माण, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से निपटना, ठेके और निविदाएं आवंटित करना जैसे अन्य पहलुओं का कार्य आईटी अधिकारियों को करना होगा.
उन्होंने कहा, “इसे जल्द से जल्द पूरा कर लें ताकि हम 21वीं सदी के उत्तरार्ध में बिखरे हुए कार्यालय स्थानों, तेजी से बढ़ते शहर में किराए के आवास और अत्यधिक दरों पर किराया या पट्टे का भुगतान करने की उम्मीद के साथ प्रवेश न करें.”
इसी बीच, उन्होंने देश के लिए कर संग्रह जैसे महत्वपूर्ण कार्य के निर्वहन में ईमानदारी के महत्व को रेखांकित करने के लिए भी इस अवसर का उपयोग किया. उन्होंने कहा, “ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत है जिसकी मैं आप सभी के प्रति वकालत करूंगी.”
समाचार स्रोत: पीटीआई
