Home Latest News & Updates लगातार चौथे दिन रुपये की स्थिति मजबूत

लगातार चौथे दिन रुपये की स्थिति मजबूत

by Live India
Rupee vs Dollar

रुपया बनाम डॉलर: पश्चिम एशिया में संघर्ष को कम करने की तैयारी देखी जा रही है. ईरान और अमेरिका एक बार फिर से अंतरिम समझौते पर अच्छे से बात करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, इस दौरान कुछ हमलों की भी खबर सामने आई है. खैर, संघर्ष को कम करने की कोशिश के साथ होर्मुज में तेल टैंकरों वाले जहाजों का आवागमन बिना किसी रोक-टोक के जारी होने की बात कही जा रही है. इससे कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है और इसका असर भारतीय करेंसी व अमेरिकी डॉलर पर भी दिखा है.

मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 5 पैसे बढ़कर 95.77 पर पहुंच गया. कमजोर अमेरिकी मुद्रा और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच लगातार चौथे दिन रुपया स्थिर बना रहा. तेल की गिरती कीमत भारतीय करेंसी के लिए अच्छे संकेत बताए गए हैं.

95.70 पर खुला रुपया

न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 95.70 पर खुला और डॉलर के मुकाबले 95.77 पर फिसल गया, जो पिछले बंद भाव से 5 पैसे की बढ़त दर्शाता है. बता दें कि मंगलवार को भारतीय करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे बढ़कर 95.82 पर बंद हुई, जबकि इससे पहले लगातार दो सत्रों में इसमें 74 पैसे की बढ़त दर्ज की गई थी.

इस बीच, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संबंधी घोषणाओं से पहले, डॉलर सूचकांक, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.12 प्रतिशत गिरकर 101.14 पर कारोबार कर रहा था.

विदेशी निवेशकों से रुपये और बाजार को मिली मजबूती

जानकार और विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयरों की खरीदारी शुरू करने के बाद घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल से स्थानीय मुद्रा को भी समर्थन मिला. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध आधार पर 755.33 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इससे रुपये को भी फायदा हुआ है.

वहीं, घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स 682.57 अंक या 0.89 प्रतिशत चढ़कर 77,448.49 पर पहुंच गया. निफ्टी 186.85 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 24,172.20 पर पहुंच गया.

ईरान के हमले ने बढ़ाई टेंशन

रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 4.27 प्रतिशत अधिक पर कारोबार कर रहा था, लेकिन फिर भी यह 87.68 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कम बना रहा.

विश्लेषकों के अनुसार, मध्यस्थों द्वारा अमेरिका और ईरान को बातचीत की ओर वापस लाने और युद्धविराम की दिशा में प्रयास करने के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों में रातोंरात वृद्धि हुई क्योंकि अमेरिकी सेना द्वारा यह कहे जाने के बाद कि ईरान ने मंगलवार को अमेरिकी सेना पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लड़ाई में आया संक्षिप्त विराम टूट गया.

अमेरिकी केंद्रीय कमान ने एक बयान में कहा कि ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया है, और साथ ही यह भी कहा कि अमेरिकी सेना “सतर्क और उच्च स्तर की तत्परता पर बनी हुई है.” ईरान के इस नए हमले से टेंशन बढ़ने की बात कही जा रही है.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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