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Roti According to Season: क्या आप जानते हैं कि हर मौसम में हमें अलग रोटी खानी चाहिए. यहां आप पढ़ेंगे कि किस मौसम में कौन सी रोटी खानी चाहिए.
18 दिसंबर, 2025
मौसम के अनुसार रोटी: रोटी के बिना हमारा थाली अधूरी लगती है. भारत में एक बड़ा हिस्सा ज्यादातर रोटी खाता है, क्योंकि यह चावल से ज्यादा फायदेमंद होती है. रोटी में आपको प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर तीनों मिलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर मौसम में हमें अलग रोटी खानी चाहिए. मौसम बदलने के साथ ही हमारे शरीर की जरूरत भी बदल जाती है. इसलिए मौसम के हिसाब से रोटी खाना फायदेमंद होता है. यहां आप पढ़ेंगे कि किस मौसम में कौन सी रोटी खानी चाहिए.
सर्दियों में खाएं बाजरे और मक्के की रोटी
सर्दियों में बाजरे की रोटी गेहूं की रोटी से ज्यादा फायदेमंद होती है, क्योंकि बाजरा गर्म होता है. बाजरे की रोटी सर्दियों में शरीर को गर्माहट देती है. बाजरे की रोटी में आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर होता है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाता है. ये सभी तत्व सफेद खून के सेल्स को बनाते हैं, जो बीमारियों से लड़ते हैं. सरसों के साग के साथ मोटी घी लगी बाजरे की रोटी बहुत ही स्वादिष्ट लगती है. अगर आपने अभी तक यह नहीं खाई, तो इस सर्दी जरूर ट्राई करें.

मक्के की रोटी (कॉर्न रोटी) भरपूर एनर्जी और गर्मी देती है, जो सर्दियों में सबसे जरूरी है. विटामिन-बी और एंटीऑक्सीडेंट मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और सूखी हवा से त्वचा की रक्षा करते हैं. मक्का कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट देता है जो धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज़ करते हैं, जो सर्दियों और शारीरिक काम करने वाले लोगों के लिए बहुत अच्छा है. मोटे मक्के के आटे को उबलते पानी के साथ गूंथें, तवे पर डालें और मक्खन या आलू की सब्ज़ी के साथ इसका मजा लें.
गर्मियों में खाएं ज्वार और रागी की रोटियां
रागी की रोटियां गर्मियों में शरीर को ठंडा रखती हैं. इसमें मौजूद ज़्यादा कैल्शियम और अमीनो एसिड गर्मी से लड़ते हैं. कैल्शियम रिच होने के कारण रागी हड्डियों को कमजोर होने से बचाता है. यह इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बढ़ाकर एसिडिटी और डिहाइड्रेशन को कम करता है. इसका घोल जैसा आटा बनाएं, चिकने तवे पर पतला फैलाएं और गर्मियों में ठंडी दही के साथ परोसें.

ज्वार खाने को पचाने में मदद करता है और आपको खाने के बाद भारीपन का एहसास नहीं होता. सर्दियों में यह स्टेमिना बढ़ाता है और थकान से लड़ने के लिए एनर्जी देता है. गर्मियों में इसका ठंडा असर पित्त दोष को बैलेंस करता है और हाइड्रेशन बनाए रखता है. ग्लूटेन-फ्री और प्रोटीन से भरपूर रागी गर्मियों के लिए बेस्ट है. रागी के आटे को गर्म पानी के साथ गूंथें और पतली-पतली रोटियां बनाकर इसे सब्जी के साथ परोसें.
बरसात में खाएं गेहूं और बेसन की रोटी
गेहूं की रोटी को पूरे साल खाया जा सकता है, जो लगातार एनर्जी के लिए कार्ब्स, प्रोटीन और विटामिन-बी के साथ संतुलित पोषण देती है. इसकी न्यूट्रल तासीर किसी भी मौसम के लिए सही है. यह हल्के और भारी दोनों तरह के खाने के साथ आसानी से खाई जा सकती है. इसे आप बरसात या किसी भी मौसम में खा सकते हैं.

इसके अलावा, गेहूं और बेसन को मिलाकर भी आप रोटियां बना सकते हैं. बेसन भी हल्का होता है और इसमें आपको प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन-बी मिलता है. बरसात में बेसन पाचन के लिए अच्छा है और यह वजन कंट्रोल रखने में भी मदद करता है.
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