Home Latest News & Updates अमेरिका को 100 गुना ताकतवार बना देगा ‘ट्रंप क्लास’ जंगी जहाज

अमेरिका को 100 गुना ताकतवार बना देगा ‘ट्रंप क्लास’ जंगी जहाज

by Live India
Trump-Class Battleships

Trump-Class Battleships: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के लिए ‘गोल्डन-फ्लीट’ प्रोजेक्ट का ऐलान किया है, जिसमें दो ट्रंप-क्लास युद्धपोत बनाए जाएंगे.

23 दिसंबर, 2025

ट्रम्प-क्लास युद्धपोत: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को और ताकतवर बनाने के लिए अपने ‘गोल्डन-फ्लीट’ प्रोजेक्ट का ऐलान किया है. ट्रंप ने नौसेना के लिए दो नए और बड़े जंगी जहाज बनाने की घोषणा की है, जिसे ‘ट्रंप-क्लास’ जंगी जहाज कहा जाएगा. यह “गोल्डन फ्लीट” बनाने के बड़े विज़न का हिस्सा है. घोषणा के बाद पूरी दुनिया की नजर ट्रंप के इस प्रोज्क्ट पर है. फ्लोरिडा में मार-ए-लागो रिज़ॉर्ट से ट्रंप ने दावा किया, “ये सबसे तेज़, सबसे बड़े होंगे और अब तक बने किसी भी बैटलशिप से 100 गुना ज़्यादा शक्तिशाली होंगे.”

हाई-पावर्ड लेजर से लैस होगा जहाज

ट्रंप के अनुसार, जहाज़ का पहला नाम USS डेफिएंट होगा. यह दूसरे विश्व युद्ध के समय के आयोवा-क्लास बैटलशिप से लंबा और बड़ा होगा और इसमें हाइपरसोनिक मिसाइल, न्यूक्लियर क्रूज़ मिसाइल, रेल गन और हाई-पावर्ड लेज़र लगे होंगे. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि नए जहाज़ के लिए डिज़ाइन का काम अभी चल रहा है और निर्माण 2030 के दशक की शुरुआत में शुरू होने की योजना है. हर जहाज का वजन करीब 30,000 से 40,000 टनहोगा और इनका निर्माण पूरी तरह अमेरिकी शिपयार्ड्स में किया जाएगा.

20 से 25 युद्धपोत बनाने का प्लान

पहले चरण में दो जहाज बनाए जाएंगे, USS Defiantऔर उसका एक सहयोगी पोत. आगे चलकर इस फ्लीट को 20 से 25 युद्धपोतों तक बढ़ाने की योजना है. हर जहाज को तैयार होने में लगभग 2.5 साल लगेंगे और इसकी अनुमानित लागत 10 से 15 अरब डॉलर प्रति जहाज हो सकती है. ट्रंप ने इसे अमेरिका की सैन्य सर्वोच्चता को फिर से स्थापित करने वाला कदम बताया है. ये ट्रंप-क्लास बैटलशिप तकनीक के लिहाज़ से भी बेहद उन्नत होंगे. नौसेना मंत्री फेलन के मुताबिक, “ट्रंप-क्लास USS Defiant दुनिया के समुद्रों में सबसे बड़ा, सबसे खतरनाक और सबसे बहुमुखी युद्धपोत होगा यह ड्रोन से लेकर बड़े युद्धपोतों तक, हर तरह के ऑपरेशन को कंट्रोल कर सकेगा.”

ताकत से आती है शांति: ट्रंप का मैसेज

ट्रंप ने इस प्रोजेक्ट को सिर्फ रक्षा नहीं, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए भी गेम-चेंजर बताया. उनके अनुसार, इससे अमेरिकी शिपयार्ड्स दोबारा सक्रिय होंगे, हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी और घरेलू उत्पादन को मजबूती मिलेगी. उन्होंने रक्षा कंपनियों से कहा कि मुनाफा स्टॉक बायबैक या बोनस पर खर्च करने के बजाय फैक्ट्रियों और मशीनों में निवेश किया जाए. ट्रंप ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य लगभग तुरंत शुरू होगा और पहला जहाज ढाई साल में तैयार हो जाएगा. ट्रंप ने साफ किया कि यह प्रोजेक्ट किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं है. उन्होंने कहा, “हम चीन के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन शांति ताकत से आती है. उम्मीद है कि इन जहाजों का कभी इस्तेमाल न करना पड़े.”

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