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Gujarat ATS Action 8.32 करोड़ रुपये की ट्रामाडोल टैबलेट जब्त

by Live India
Gujarat ATS Action

गुजरात एटीएस की कार्रवाई: गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध साइकोट्रॉपिक दवा ट्रामाडोल की 2 लाख 8 हजार टैबलेट जब्त की हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन टैबलेट की कीमत करीब 8 करोड़ 32 लाख रुपये आंकी गई है. मामले में राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने पूछताछ में करोड़ों रुपये के अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा किया है.

गुजरात से राजस्थान सप्लाई हो रही थी नकली दवाइयां

गुजरात ATS को सूचना मिली थी कि वलसाड जिले के पारडी निवासी और मूल रूप से राजस्थान के सादड़ी का रहने वाला परेश पारसमल जैन लंबे समय से अवैध रूप से ट्रामाडोल की सप्लाई कर रहा है. सूचना के आधार पर ATS ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रामाडोल की बड़ी खेप को दूसरी दवाओं के नाम पर फर्जी टैक्स इनवॉइस बनाकर राजस्थान भेज रहा था. ATS को जानकारी मिली कि 25 जून को अंकलेश्वर से एमआर ट्रेवल्स की लग्जरी बस के जरिए ट्रामाडोल की खेप राजस्थान के पाली भेजी जा रही है. इसके बाद ATS, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और एसओजी की संयुक्त टीम ने शाहीबाग स्थित एमआर ट्रेवल्स कार्यालय के पास बस को रोककर तलाशी ली.

8.32 करोड़ की दवा जब्त

तलाशी के दौरान छह बड़े कार्टन मिले, जिनमें 416 छोटे बॉक्स रखे थे. सभी बॉक्सों पर “TRAMADOL HYDROCHLORIDE I.P. TABLETS 100 MG – SCOVIDOL-100” लिखा हुआ था. जब बॉक्सों की गिनती की गई तो उनमें 4,160 स्ट्रिप और कुल 2,08,000 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद हुईं. ATS के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत लगभग 8.32 करोड़ रुपये है. यह गुजरात में ट्रामाडोल की बड़ी बरामदगियों में से एक मानी जा रही है. कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी फरार होकर राजस्थान पहुंच गया, लेकिन ATS की विशेष टीम ने उसका पीछा करते हुए उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं.

पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा ATS

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मई 2026 से अब तक उसने 25 अलग-अलग खेपों में कुल 62 लाख 54 हजार ट्रामाडोल टैबलेट मंगवाई थीं, जिन्हें राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सप्लाई किया गया. आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि मेडिकल स्टॉकिस्ट का लाइसेंस लेने के बाद उसका अधिकांश कारोबार ट्रामाडोल की बिक्री पर ही केंद्रित था. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी उत्तराखंड के हरिद्वार और महाराष्ट्र के ठाणे में एनडीपीएस एक्ट के तहत कोडीन कफ सिरप तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. इसके अलावा गुजरात ATS द्वारा हाल ही में वापी से पकड़ी गई मेफेड्रोन तस्करी के मामले में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है.

गुजरात ATS अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रामाडोल की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई जा रही थी, किन राज्यों में इसकी सप्लाई हो रही थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. अधिकारियों का मानना है कि यह मामला एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है.

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