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India-US Trade Deal : अमेरिकी कोर्ट से ट्रंप प्रशासन को झटका मिलने के बाद देश में भारत-US डील को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है. कांग्रेस का कहना है कि प्रस्ताव में से एग्रीकल्चर वाले भाग को हटा देना चाहिए.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: टैरिफ वाले मुद्दे पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप प्रशासन को झटका लगने के बाद नए सिरे से बहस शुरू हो गई है. भारत में भी इसको लेकर कहा जा रहा है कि पहले वाले प्रस्ताव को लेकर नए स्तर पर बहस शुरू होनी चाहिए. इसी कड़ी में कांग्रेस ने रविवार को कहा कि यह अबकी बार ट्रंप से हार जैसा है और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस डील को कोल्ड स्टोरेज में डाल देना चाहिए. कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने कहा कि अंतरिम एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क की शर्तों पर फिर से बात होनी चाहिए. इसके अलावा इंपोर्ट लिबरलाइजेशन और एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स के बारे में बात करने वाले क्लॉज को भी समाप्त कर देना चाहिए.
एग्रीमेंट लेने और देने के बारे में होता है
जयराम रमेश ने कहा कि एग्रीमेंट लेने और देने के बारे में होता है लेकिन भारत ने अंतरिम ट्रेड पैक्ट के तहत सिर्फ दिया जाता था. रमेश ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में ह्यूस्टन में नारा दिया था कि ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ लेकिन अंतरिम एग्रीमेंट का यह फ्रेमवर्क ‘अबकी बार ट्रंप हार’ का सबूत है. इसके अलावा कांग्रेस नेता ने पूछा कि 2 फरवरी को ऐसा क्या हुआ कि प्रधानमंत्री को प्रेसीडेंट ट्रंप को ट्रेड डील अनाउंस करने के लिए मजबूर करने की जरूरत पड़ी.
डील की खबरों को दबाने का था मकसद
दूसरी तरफ जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर राहुल गांधी के पार्लियामेंट में बाहरी सुरक्षा के मोर्चे पर नाकामियों को लेकर PM पर किए गए हमले से जुड़ा है. यह मामला सिर्फ इसलिए उठाया गया क्योंकि डील की घोषणा की खबरों को दबाना था. रमेश ने आगे कहा कि अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क में कहा गया है कि अगर दोनों तरफ से कोई बदलाव होता है, तो US और भारत इस बात पर सहमत हैं कि वे अपने कमिटमेंट्स को बदल सकते हैं.
रमेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पहले कमिटमेंट किया में कई तरह के खाने और खेती के प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करना या खत्म करना शामिल है. पीएम से हमारी मांग है कि इस ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए. उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने सभी US इंडस्ट्रियल सामानों और कई तरह के अमेरिकी खाने और खेती के प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म करने या करने का कमिटमेंट किया है.
डील को लेकर गोयल दिया था अपेडट
वहीं, भारत और अमेरिका ट्रेड डील को लेकर वाणिज्यिक मंत्री पीयूष ने शुक्रवार को कहा था कि दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार समझौते इस साल अप्रैल में लागू हो जाएंगे. साथ ही इस डील के अंतरिम व्यापार समझौते के लीगल ड्राफ्ट को भी अंतिम रूप दे दिया गया है. इसके लिए इसी महीने 23 फरवरी से यूएस में तीन दिवसीय बैठक होने वाली है. साथ ही इस डील को लेकर फ्रेमवर्क और फैक्टशीट शेयर किए जाने के बारे में सामने आया है. उन्होंने इस तरफ भी संकेत दिया कि लीगल फॉर्मेलिटिज पूरी होने के बाद इस डील को अप्रैल से लागू कर दी जाएगी.
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समाचार स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई)
