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Kashmiris donated for Iran: ईरान की मदद के लिए कश्मीरियों ने अपने दिल और तिरोज़ी, दोनों के दरवाज़े खोल दिए हैं. जंग की आग में झुलसते ईरान के लिए कश्मीर के लोगों ने दिल खोलकर दान किया है.
23 मार्च, 2026
कहते हैं कि जब बात मदद और मोहब्बत की हो, तो सरहदें और दूरियां बेमानी हो जाती हैं. कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों कश्मीर की वादियों में देखने को मिल रहा है. दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी वॉर की मार झेल रहे ईरान के लोगों के लिए कश्मीरी अवाम ने जिस तरह से दरियादिली दिखाई है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. रविवार को ईद के जश्न के ठीक अगले दिन, घाटी के शिया बहुल इलाकों में एक अनोखा मंजर था. वहां, लोग अपनों की मदद के लिए सड़कों पर उतर आए.

घर-घर से मदद
कश्मीर के बडगाम और बारामूला जैसे जिलों में यंगस्टर्स की टोलियां घर-घर जाकर ईरान की लड़ाई में हुए पीड़ितों के लिए दान इकट्ठा कर रही थीं. वहां के लोकल लोगों का कहना है कि ये एक इल्लीगल वॉर है जिसने निर्दोष लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है. एक सभ्य समाज होने के नाते मदद करना हमारा फर्ज है. इस मुहिम में सिर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं और बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.
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सब कुछ कुर्बान
मदद का ये जज्बा इतना गहरा था कि महिलाओं ने अपने कीमती सोने के जेवर तक दान कर दिए. एक बुजुर्ग महिला ने वो सोना दान कर दिया जो उनके पति ने 28 साल पहले उन्हें निशानी के तौर पर दिया था. उनके पति का इंतकाल करीब तीन दशक पहले हो चुका था, लेकिन ईरान के लोगों का दर्द देखकर उन्होंने अपनी सबसे कीमती याद को भी कुर्बान कर दिया. वहीं, एक छोटी बच्ची का वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है, जिसने पिछले तीन सालों से अपनी गुल्लक में जमा किए पैसे ईरान के नाम दान में दे दिए. कश्मीर के लोगों ने सिर्फ कैश ही नहीं, बल्कि घर के तांबे के बर्तन और यहां तक कि जानवर भी दान में दिए हैं.

ईरान, नहीं भूलेगा अहसान
कश्मीरियों की इस दरियादिली ने ईरान सरकार का दिल जीत लिया है. भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कश्मीर के लोगों का शुक्रिया अदा किया. दूतावास ने लिखा कि कश्मीर की बहनों और वहां के लोगों ने जिस प्यार के साथ ईरान का साथ दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. अधिकारियों के मुताबिक, इकट्ठा किया गया ये सारा सामान और नकद ऑफिशियल रिलीफ ऑर्गेनाइजेशन और ईरानी दूतावास के जरिए सीधे वॉर पीड़ितों तक पहुंचाया जाएगा. वैसे, कश्मीर की वादियों से उठी दुआएं और ये मदद साबित कर रही है कि इंसानियत आज भी जिंदा है.
समाचार स्रोत: पीटीआई
