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Middle East conflict: अगर आप भी आने वाले दिनों में देश से बाहर जाने की प्लानिंग कर रहे थे, तो पहले ये खबर पढ़ लें. दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रही वॉर की वजह से भारत की करीब 250 फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं.
03 मार्च, 2026
अगर आप अगले कुछ दिनों में फॉरेन टूर या देश के बड़े शहरों के बीच ट्रेवल करने का प्लान बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए. दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने आसमान में उड़ती फ्लाइट्स के पहियों पर ब्रेक लगा दिया है. मंगलवार को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल रहा क्योंकि यहां से चलने वालीं 250 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल कर दी गई हैं.
एयरपोर्ट्स पर सन्नाटा
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती वॉर का असर भारतीय एयरपोर्ट्स पर साफ देखा जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 80 फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा. वहीं, देश की फाइनेंशियल कैपिटल मुंबई में यहे आंकड़ा सबसे ज्यादा 107 रहा. साउथ इंडिया के मेन सेंटर की बात करें तो बेंगलुरु में 42 और चेन्नई एयरपोर्ट पर 30 फ्लाइट्स् को रद्द किया गया है. इन कैंसिल फ्लाइट्स में देश में आने वाली और यहां से बाहर जाने वाली, दोनों ही तरह की उड़ानें शामिल हैं.
तीन दिनों का हाल
मिडिल ईस्ट का ये संकट 28 फरवरी को शुरू हुआ था. तब से अब तक भारतीय एयरलाइंस की हालत खराब है. पिछले तीन दिनों के अंदर टोटल 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल की जा चुकी हैं. दिल्ली एयरपोर्ट ऑपरेटर (DIAL) ने यात्रियों को आगाह करते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट की सिचुएशन को देखते हुए वेस्ट की तरफ जाने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स में देरी हो सकती है या उनके रूट में बदलाव किया जा सकता है.
बिगड़े हालात
इस पूरे संकट की जड़ 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले हैं. अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और गल्फ कंट्रीज़ में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले शुरू कर दिए हैं. इस वॉर ने हवाई मार्ग को असुरक्षित बना दिया है, जिससे एयरलाइन्स कंपनियों को अपने रास्ते बदलने या फ्लाइट्स कैंसिल करने पर मजबूर होना पड़ा है.
लोगों के लिए सलाह
अगर आपकी फ्लाइट आने वाले दिनों में शेड्यूल है, तो घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर स्टेटस जरूर चेक कर लें. एयरलाइंस का कहना है कि सबसे पहले लोगों की सिक्योरिटी है. जब तक आसमान सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक फ्लाइट्स का टाइम पर यानी नॉर्मल होना मुश्किल है.
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