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MP Rain Alert मौसम का ट्रिपल अटैक, 60 घंटे से नहीं थमी बारिश

by Live India
MP Flood Disaster

एमपी में बारिश की चेतावनी: मध्य प्रदेश में इस समय कुदरत का दोहरा प्रहार देखने को मिल रहा है. राज्य में एक साथ तीन मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने के कारण बीते 60 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है. मूसलाधार बारिश की वजह से प्रदेश की नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं, जबकि कई प्रमुख मार्ग बंद होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग समेत राज्य के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर इस समय तीन मानसूनी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं. मानसून ट्रफ ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्व-पश्चिम शियर जोन के सक्रिय होने से हवा का मजबूत दबाव बना हुआ है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर, दोनों ओर से बेहिसाब नमी मिल रही है. यही कारण है कि बहुत ही कम समय में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रिकॉर्ड मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है.

उमरिया में खोले गए डैम के गेट

लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. भोपाल में मूसलाधार बारिश के चलते एक 90 साल पुराना जर्जर मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया. इस दर्दनाक हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इधर उमरिया जिले में भारी बारिश के बाद संजय गांधी ताप बिजली केंद्र के जलाशय का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर डैम का गेट खोलकर पानी डिस्चार्ज करना पड़ा.

किन जिलों में अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में चेतावनी जारी की है, जिन जिलों को ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में रखा है, उनमें धार, बड़वानी, खरगोन और आलीराजपुर शामिल हैं, जबकि येलो अलर्ट में इंदौर, उज्जैन, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौल और हल्की से मध्यम बारिश में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सागर समेत बाकी शेष जिलों में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर तेज बौछारें पडऩे की संभावना जताई गई है.

प्रशासन की आम जनता से अपील

स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते पुल-पुलियों और नदी-नालों के पास जाने से बचें. बहुत आवश्यक कार्य न होने पर लंबी दूरी की यात्रा करने से परहेज करें.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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