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Stock Market में लगातार सुस्ती, संभलकर चलने की है जरूरत?

by Live India
Stock Market में लगातार तीसरे दिन सुस्ती, क्या इन्वेस्टर्स को अब संभलकर चलने की है जरूरत?

Stock Market Update: हफ्ते का तीसरा दिन यानी बुधवार भी शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने वालों के लिए कुछ खास नहीं रहा. आप भी जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स.

07 जनवरी, 2026

स्टॉक मार्केट अपडेट: आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर कोई तेजी से आगे बढ़ना चाहता है. हालांकि, शेयर बाजार की चाल पिछले तीन दिनों से थोड़ी सुस्त नजर आ रही है. बुधवार को लगातार तीसरे दिन सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई. अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को शेयर बाजार में इन्वेस्ट करते हैं, तो आसान भाषा में समझ लीजिए कि आखिर बाजार में ये हलचल क्यों हो रही है.

मार्केट का हाल

बुधवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक गिरकर 84,961.14 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 37.95 अंक की गिरावट के साथ 26,140.75 के लेवल पर आ गया. मार्केट की इस सुस्ती के पीछे सबसे बड़ा कारण दुनिया भर में चल रहे तनाव और अमेरिका के टेरिफ को बताया जा रहा है. इसके अलावा, विदेशी फंडों का लगातार बाजार से पैसा निकालना भी एक बड़ी वजह बन चुका है.

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किन शेयर्स में रही रौनक

आज के दिन ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के कुछ बड़े शेयर्स के लिए दिन थोड़ा भारी रहा. मारुति, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक और एशियन पेंट्स जैसे शेयर्स में गिरावट देखी गई. वहीं दूसरी तरफ, आईटी सेक्टर के शेयर्स ने शेयर मार्केट को थोड़ा सा सहारा जरूर दिया. टाइटन, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट थोड़ी कम रही.

आम आदमी पर असर

शेयर मार्केट के एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक घरेलू लेवल पर कोई बड़ा पॉजिटिव हिंट नहीं मिलता, तब तक बाजार इसी तरह ‘वेट एंड वॉच’ की सिचुएशन में रह सकता है. अब इन्वेस्टर्स आने वाले तिमाही नतीजों और ग्लोबल एक्टिविटीज पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं. हालांकि, एक अच्छी खबर ये भी है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, जो इंडियन इकोनॉमी के लिए एक राहत की बात है. इसके साथ ही, सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अंदाज़ा है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है.

छोटी सी सलाह

बाजार में जब भी इस तरह की स्थिति हो, तो हड़बड़ी में कोई फैसला न लें. इस टाइम ‘स्टॉक-स्पेसिफिक’ यानी अच्छे और मजबूत शेयरों को चुनने पर फोकस करना चाहिए. दुनियाभर में चल रही टेंशन के बीच समझदारी और पेशेंस ही आपके इन्वेस्टमेंट को सेफ रख सकता है. वैसे भी मार्केट में उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म का नजरिया ज्यादातर फायदेमंद ही साबित होता है.

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