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Bengal Politics: बंगाल चुनाव की घोषणा होते ही TMC में टिकटों के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है. टिकट से वंचित होने वाले विधायक बगावत पर उतर आए हैं.
बंगाल की राजनीति: बंगाल चुनाव की घोषणा होते ही TMC में टिकटों के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है. टिकट से वंचित होने वाले विधायक बगावत पर उतर आए हैं. चुनावी हलचल के बीच TMC को बड़ा झटका लगा है. ममता बनर्जी के पुराने साथी और पार्टी संस्थापकों में से एक राजगंज विधायक खगेश्वर रॉय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने दावा किया कि उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी छोड़ सकते हैं. टिकट न मिलने से नाराज राजगंज विधायक खगेश्वर रॉय ने जलपाईगुड़ी जिला पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया. खगेश्वर रॉय जलपाईगुड़ी के राजगंज से तीन बार के विधायक हैं. वह उत्तर बंगाल में टीएमसी के लंबे समय तक संगठनकर्ता भी रहें.
पार्टी ने इस बार स्वप्ना बर्मन को मैदान में उतारा
पार्टी ने इस बार आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन को राजगंज सीट से उतार दिया है. इस बात से नाराज होकर खगेश्वर रॉय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. राय ने निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी की हार की भविष्यवाणी भी की. मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उम्मीदवारों की सूची की घोषणा के तुरंत बाद उन्होंने जलपाईगुड़ी जिला टीएमसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. टिकट से इनकार किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रॉय ने आरोप लगाया कि “धन शक्ति” ने निर्णय को प्रभावित किया है. मैं तब से ममता बनर्जी के साथ हूं, जब उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी और टीएमसी का गठन किया था. आज मैं पैसे से हार गया हूं. किसी ने पैसा दिया होगा और इसीलिए मेरा नाम हटा दिया गया. रॉय ने अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद ये बातें कहीं.
टिकट कटने पर छलका दर्द
मौजूदा विधायक ने दावा किया कि एक ऐसे व्यक्ति को निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है जिसने कभी टीएमसी के लिए काम नहीं किया. रॉय ने कहा कि उन्होंने वर्षों में राजगंज में पार्टी संगठन बनाया है और उन्हें टिकट न देना एक अन्याय है. उन्होंने कहा कि मैंने अपने साथ हुए अन्याय के कारण पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया है. तृणमूल कांग्रेस राजगंज सीट हार जाएगी. हालांकि, रॉय ने कहा कि उन्होंने अभी तक तय नहीं किया है कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होंगे या नहीं. ब्रत्य बसु और चंद्रिमा भट्टाचार्य ने फरवरी में एक कार्यक्रम में एथलीट स्वप्ना बर्मन को पार्टी का झंडा सौंपा. इस मौके पर उन्होंने कहा था कि चोटों ने उन्हें प्रतिस्पर्धी खेल से दूर जाने के लिए मजबूर किया था. वर्तमान में वह रेलवे में कार्यरत हैं. जनवरी में ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी के महाकाल मंदिर में एक शिलान्यास समारोह के दौरान बर्मन को सम्मानित भी किया था.
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