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UP Economic Review : यूपी में पहली बार आर्थिक समीक्षा पेश किया गया है. इसके माध्यम से राज्य में बीते आठ सालों में लोगों के जीवन स्तर में किस तरह से बदलाव आएं हैं और आने वाले समय कितना लक्ष्य रखा गया है इसकी जानकारी दी गई है.
यूपी आर्थिक समीक्षा: उत्तर प्रदेश में बजट सत्र से पहले योगी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है. यूपी देश का पहला राज्य बन गया है जिसने आर्थिक समीक्षा सदन के पटल पर प्रस्तुत की है. इकोनॉमिक रिव्यू में अर्थव्यवस्था, निवेश, प्रति व्यक्ति आय, राजकोषीय स्थिति और राज्य में हर क्षेत्र ने विकास में कितना योगदान दिया है इसके बारे में बताया गया है. राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बीते 8 सालों में राज्य ने काफी प्रगति की है. एक तरफ जहां साल 2016-17 में 13.30 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था थी. वहीं 2024-25 में बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये पार कर चुकी है. इसी कड़ी में वर्ष 2025-26 में इसको 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने आगे कहा कि देश के सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले राज्य में ऐसी प्रगति देश के विकास में अहम योगदान है.
राज्य की प्रगति जीवंत दस्तावेज
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि हम आज ऐतिहासिक पल के गवाह बन रहे हैं, जब उत्तर प्रदेश में भारत सरकार की तरह आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़ों का संकलन नहीं है बल्कि राज्य की प्रगति, जनता की आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का जीता-जागता दस्तावेज है. साथ ही प्रदेश की 25 करोड़ आबादी का एक जीवंत प्रतिबिंब है. यूपी अब कृषि उत्पादन, औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार का केंद्र बनता जा रहा है.
प्रदेश ने किया निवेशकों को आकर्षित
आर्थिक समीक्षा को पेश करते हुए सुरेश खन्ना ने बताया कि एक समय ऐसा था जब निवेशकों की प्राथमिकता में उत्तर प्रदेश नहीं था. लेकिन अब उसका केंद्र बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि पारदर्शी नीतियों, समयबद्ध स्वीकृतियों और ट्रिपल एस की गारंटी के चलते अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं. अब निवेश बताता है कि वातावरण में कितना बदलाव आया है.
देश की अर्थव्यवस्था में होगा बड़ा योगदान
इस रिव्यू के मुताबिक राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान वर्ष 2016–17 के 8.6 फीसदी से बढ़कर वर्ष 2024–25 में 9.1 तक पहुंच गया है. यह प्रगति राज्य और देश के हित में महत्वपूर्ण है.
प्रतिव्यक्ति आय में भी आया सुधार
बताया जा रहा है कि देश की आजादी के बाद यूपी में प्रतिव्यक्ति आय की गिरावट को पलट दिया है. एक तरफ जहां वर्ष 2016–17 में 54,564 रही प्रति व्यक्ति आय से बढ़कर 2024–25 में 1,09,844 रुपये तक पहुंच गई है. साथ ही 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1,20,000 प्रति व्यक्ति करने का लक्ष्य बनाया है. साथ ही राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय में भी काफी सुधार देखा गया है. 2014-15 में यह राष्ट्रीय औसत केवल 50.20 रह गई थी. साथ ही 2024-25 में गिरावट के रुख में थोड़ा बदलाव करते हुए 53.5% हो गया.
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समाचार स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई)
