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यूटीयू पेपर लीक: उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मैकेनिकल का पेपर लीक होने के बाद हड़कंप मच गया. देश की राजधानी में दिल्ली में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच सामने आए इस मामले ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया. इस बीच पुलिस ने पेपर लीक के आरोपी सहायक प्रोफेसर को गिरफ्त में ले किया है.
इस मामले में डॉ0 विनय कुमार पटेल परीक्षा नियंत्रक वीर माधव सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देहरादून द्वारा कोतवाली प्रेमनगर पर एक लिखित तहरीर दी कि उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की सम-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान 8 जुलाई को लीक होने का ई मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें 3 जुलाई को शिवालिक कालेज ऑफ इन्जीनियरिंग देहरादून में नियुक्त सहायक प्रोफेसर द्वारा कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को साझा करने की जानकारी दी गई.
व्हाट्सऐप पर भेजे गए प्रश्न
परीक्षा सम्पन्न होने के बाद प्रश्न पत्र से मिलान किया गया तो प्रश्नों में काफी समानता पाई गई. विश्वविद्यालय द्वारा गठित की गई आन्तरिक जांच समिति की जांच के दौरान भी सहायक प्रोफेसर द्वारा परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सऐप पर परीक्षा से संबधित प्रश्नों को साझा किए जाने की जानकारी मिली. शिवालिक कालेज आफ इन्जीनियरिंग में नियुक्त सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता द्वारा छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता को भंग किया. वादी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली प्रेमनगर पर मु0अ0सं0: 144/26 धारा: 316, 318 (4), 61 (2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया.
आरोपी गिरफ्तार
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा अभियोग में त्वरित साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए अभियोग में नामजद अभियुक्त के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये, जिस पर विवेचक द्वारा अभियोग में गवाहों के बयान, प्राप्त दस्तावेजी व अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोग मे नामजद अभियुक्त आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर शिवालिक कालेज ऑफ इन्जीनियरिंग झाझरा को गिरफ्तार किया गया है.
लैपटॉप और मोबाइल की जांच जारी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए शिवालिक कालेज के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता मूलरूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का निवासी है. प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने एग्जाम से एक दिन पहले प्रश्नों को एक वाट्सऐप ग्रुप में शेयर किया था. इस परीक्षा का प्रश्न पत्र भी इसी प्रोफसर द्वारा तैयार किया गया था. अभियुक्त से प्राप्त उपकरणों के संबंध में जांच की जा रही है तथा उक्त प्रकरण में सलिप्त अन्य अभियुक्त गणों के संबंध में साक्ष्य एकत्रित कर नियम अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
