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कलेक्ट्रेट की बैठक में हाई वोल्टेज ड्रामा

by Live India
High voltage drama collectorate meeting Bhopal

एमपी समाचार: भोपाल कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक विकास की समीक्षा के बजाय भारी हंगामे और राजनीतिक दंगल की भेंट चढ़ गई. भोपाल के लंबे समय से लंबित मास्टर प्लान को लागू न किए जाने के मुद्दे पर शुरू हुई चर्चा इतनी बढ़ गई कि नेताओं के बीच मर्यादा की दीवारें ढह गईं. स्थिति तब और बिगड़ गई जब कांग्रेस विधायक और फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष के बीच करीब 10 मिनट तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला और बात एक दूसरे को औकात दिखाने तक पहुंच गई. इस तीखी नोकझोंक से नाराज होकर कांग्रेस विधायकों ने बैठक का बहिष्कार कर वॉकआउट कर दिया.

तुम क्या हो… औकात में रहकर बात करो

बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील भोपाल मास्टर प्लान को लेकर अपनी बात रख रहे थे. इसी बीच फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में टोकते हुए उंगली दिखाकर बात की, जिससे विवाद मामवा बढ़ गया. विधायक मसूद ने कड़े तेवर में कहा कि तुम बनाओगे क्या, तुम क्या हो, अब तुम हमें सिखाओगे, हम सांसद जी से बात कर रहे हैं. इस पर पलटवार करते हुए जनपद अध्यक्ष राजपूत ने गुस्से में कहा तुम औकात में रहकर बात करो, तेज आवाज में बात करने से कुछ नहीं होगा.

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करीब 10 मिनट तक चली इस तनातनी के बाद आरिफ मसूद ने इसे बदतमीजी बताते हुए कहा कि वे सांसद का सम्मान करते हुए यहां आए हैं, लेकिन ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा. इसके बाद मसूद और आतिफ अकील बैठक से उठकर बाहर चले गए.

अपनी ही सरकार के अफसरों पर बरसे BJP विधायक

हंगामा सिर्फ मास्टर प्लान तक सीमित नहीं रहा. सत्तापक्ष बीजेपी के विधायक भगवानदास सबनानी ने भी स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर अपनी ही सरकार के अधिकारियों के परखच्चे उड़ा दिए. सबनानी ने तल्ख लहजे में कहा स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया है. बड़ी-बड़ी इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन उनमें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं. लोग लिफ्ट में फंस रहे हैं, कम्युनिटी हॉल नहीं बना और दशहरा मैदान का भी सत्यानाश कर दिया गया. खास बात यह रही कि वॉकआउट से पहले कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी बीजेपी विधायक के इस गुस्से का पूरा समर्थन किया.

तालमेल की कमी, बनेगी नोडल एजेंसी

अधिकारियों की इस घेराबंदी में महापौर मालती राय ने भी सुर मिलाते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी की स्ट्रीट लाइटों तक की समस्या समय पर दूर नहीं होती. मामले को बढ़ता देख स्मार्ट सिटी बोर्ड के चेयरमैन व कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी समस्याओं की अलग से समीक्षा कर समाधान का आश्वासन दिया. वहीं, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने माना कि विभागों के बीच तालमेल की भारी कमी है, जिसके लिए उन्होंने एक नोडल एजेंसी बनाने का सुझाव दिया. सांसद ने कहा कि वे मास्टर प्लान को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. इसके साथ ही बैठक में भोपाल को वेटलैंड शहर घोषित करने के लिए भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पास किया गया.

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