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चुन-चुन कर पाक में मारे गए ये आतंकी

by Live India
चुन-चुन कर पाक में मारे गए ये आतंकी

पाकिस्तान में आतंकवादी: बीते साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तान के द्वारा पाले गए कायर आतंकियों ने भारतीय पर्यटकों पर हमला कर दिया था. इस हमले के दौरान निहत्थे लोगों को आतंकियों ने उनका धर्म पूछकर (हिंदू होने पर मारा) बेरहमी से मारा था. इस कायराना आतंकी हमले में 25 भारतीय समेत एक नेपाली नागरिक (पर्यटक) की मौत हो गई थी. इसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंक और पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू कर दिया. इसका आगाज भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 6-7 मई 2025 की रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में बनाए गए आतंकी ठिकानों पर जोरदार हमले कर के किया गया. भारत की इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे और उनके कई लॉन्चपैड और ठिकाने नष्ट कर दिए गए थे. भारत के इस मुंहतोड़ जवाब से आतंकियों के साथ पाकिस्तान भी थरथराता हुआ दिखा था.

भारत के द्वारा शुरू किए गए इस ऑपरेशन को एक साल से अधिक हो गए. इसके जरिए भारत ने पाकिस्तान और उसके इशारे पर पल रहे आतंकियों को अच्छे से सबक सिखाया था. कुछ दिनों तक इनकी हरकतें शांत रहीं, लेकिन कहते हैं न कि ‘दिल है कि मानता नहीं…’, यहां दिल की जगह पाक को रखें तो सच मालूम होता है कि ‘पाक है कि मानता नहीं…’, जी हां, पाक में लगातार आतंकी मारे जा रहे हैं, कभी कोई नकाबपोश इन्हें मार दे रहा है तो कभी कोई ‘सीक्रेट किलर’ बनकर धुरंधर स्टाइल में मार कर चला जा रहा है. इससे मालूम होता है कि पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगाह तो बना ही हुआ है, लेकिन भारत के द्वारा कई बार मात खाने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और अपने यहां आतंकियों और उनके संगठनों को पनाह दिए हुए है.

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक मारे गए आतंकियों की संख्या को छोड़ दें तो बीते चार-पांच वर्षों में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में 25 से अधिक खूंखार और खतरनाक आतंकी मारे गए हैं. आतंकियों का आका मसूद अजहर के गुर्गे दाऊद मलिक से लेकर हाल ही में मारे गए आतंकी संगठन अल बद्र का हमजा बुरहान तक, आइए कुछ ऐसे आतंकियों के नामों को जानते हैं जिन्हें बीते चार से पांच वर्षों में किसी ‘सीक्रेट किलर’ या अज्ञात बंदूकधारियों के द्वारा मार दिया गया है. इसके साथ ही जानेंगे कि इनके निशाने पर अब कौन-कौन हो सकता है.

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POK में मारा गया हमजा बुरहान

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को बीते 21 मई को पाक अधिकृत कश्मीर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसे अज्ञात बंदूकधारियों ने पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में अपना निशाना बनाया और ओजरा में एमएस कॉलेज परिसर में गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया. बता दें कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बुरहान को दिखावे के लिए एमएस कॉलेज का प्रिंसिपल बना रखा था. जानकारी के अनुसार, पुलवामा का रहने वाला हमजा बुरहान पाकिस्तान पढ़ने गया था और वहां आतंकी संगठन अल बद्र का गुर्गा बन गया था. गृह मंत्रालय के अनुसार, बुरहान पाकिस्तान जाने के बाद से युवाओं को संगठन में शामिल होने और अल बद्र की आतंकी गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद करने के लिए भी प्रेरित कर रहा था. वह कश्मीरी युवाओं का ब्रेन वॉश करता था और उन्हें आतंकी गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश करता था. बताया जाता है कि वह बीते करीब आठ वर्षों से पाकिस्तानी सेना और आईएसआई का वफादार था. यह साल 2019 में हुए पुलवामा हमले का साजिशकर्ता भी था.

बता दें कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए उस आतंकी हमले में जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे पर आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया था. तब आतंकियों ने इस काफिले में शामिल सैनिकों से भरे एक वाहन में विस्फोटकों से लदी एक कार के द्वारा जोरदार टक्कर मार दी थी. इस आत्मघाती धमाके में देश के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस आतंकी हमले का भारत ने बालाकोट में जैश के सबसे बड़े ठिकाने पर एयर स्ट्राइक करके मुंहतोड़ जवाब दिया था.

कंधार हाईजैक का आतंकी जहूर इब्राहिम

जहूर इब्राहिम को साल 2022 में मौत के घाट उतार दिया गया था. वर्ष 1999 में कंधार में जब भारतीय विमान को हाईजैक किया गया था, तब उन हाईजैकर्स में जहूर इब्राहिम आतंकी भी शामिल था. यह कंधार हाईजैक के दौरान भारतीय विमान में सवार यात्री रूपिन कात्याल की हत्या में भी शामिल था. साल 2022 में जैश के आतंकी जहूर इब्राहिम को बाइक सवार हथियारंबद हमलावरों ने एकदम पास से गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसे पाकिस्तान के कराची में मारा गया था.

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लाल मोहम्मद

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का एक वफादार माने जाने वाले लाल मोहम्मद को नेपाल में गोरी मारकर हत्या कर दी गई थी. इसे साल 2022 में राजधानी काठमांडू के बाहरी इलाके में गोली मारी गई थी. जानकारी के अनुसार, लाल मोहम्मद भारत की करेंसी रुपये का जाली बनाता था. मतलब कि वह जाली भारतीय करेंसी का धंधा करता था.

मोहम्मद रियाज

साल 2023 में जम्मू-कश्मीर में पांच जवानों की हत्या कर दी गई थी. इस वारदात के पीछे मोहम्मद रियाज का हाथ बताया गया. बताया जाता है कि इसने ही इन जवानों की हत्या की और पाकिस्तान फरार हो गया. जानकारी के अनुसार, सितंबर 2023 में मोहम्मद रियाज को पाकिस्तान के रावलपिंडी में मार दिया गया था. इसका एक और नाम अबु कासिम कश्मीरी भी था. यह इस्लामिक गुरिल्ला नेता माना जाता था. इसका काम यह था कि यह छिपकर अपने टारगेट को निशाना बनाता था और वारदात को अंजाम देता था.

मसूद अजहर के गुर्गे का दाऊद मलिक

आतंकी दाऊद मलिक, मसूद अजहर के गुर्गे का आतंकी था. इसे साल 2023 में उत्तरी वजीररिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. दाऊद मलिक कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और इसके अलावा वह लश्कर-ए-जब्बार नाम के आतंकी संगठन का संस्थापक भी था.

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हाफिज सईद का करीबी आमिर सरफराज

अब बात आमिर सरफराज की करते हैं. यह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का करीबी था. इसने ही पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की हत्या कर दी थी. आमिर सरफराज तांबा को उसके घर में ही साल 2024 में अज्ञात हमलावरों ने मार दिया था. कहा जाता है कि आमिर की हत्या के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके में लश्कर हेड ऑफिस और लाहौर के लश्कर की एक मस्जिद में आतंकियों की एक मीटिंग हुई थी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के खिलाफ भी इनमें गुस्सा दिखा.

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जब आमिर सरफराज ने सरबजीत की हत्या कर दी थी तो उसके बाद हाफिज सईद ने खुद उसका स्वागत किया था. इसका वीडियो भी वायरल हुआ था. जानकारी के अनुसार, आमिर सरफराज की हत्या उसके ही घर में तब की गई जब, दो अज्ञात हमलावर उसके घर पहुंचकर डोरबेल बजाए और जैसी ही आमिर सरफराज दरवाजा खोला, उसे हमलावरों ने गोलियों से भून डाला.

मौलाना हमीदुल हक हक्कानी

मौलाना हमीदुल हक हक्कानी को खैबर पख्तूनख्वा में साल 2025 में मारा गया था. वह दार उल ऊलूम हक्कानिया सेमिनारी का प्रमुख था. यह तालिबान से जुड़ा हुआ था. मौलाना हमीदुल हक हक्कानी को 28 फरवरी 2025 को तब मारा गया था जब वह एक मदरसे में नमाज के बाद लोगों के साथ इकट्ठा हुआ था. उसपर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें एक फिदायीन ने खुद को भी उड़ा लिया था. इसमें कई लोग और मारे गए थे, जबकि कई जख्मी भी हुए थे.

इन सभी के अलावा, आतंकी ख्वाजा शाहिद, रहीमुल्ला तारिक, बशीर अहमद, परमजीत सिंह पंजवर, अकरम गाजी समेत कई आतंकी पिछले चार से पांच वर्षों में अज्ञात बंदूकधारियों के निशान चढ़े और मारे गए. वहीं, इस साल शेख यूसुफ अफ्रीदी, लश्कर कमांडर मीर शुक्र खान, बिलाल आरिफ सराफी भी मारे गए हैं.

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अब निशाने पर कौन-कौन?

पाकिस्तान में भारत के कई दुश्मन व आतंकी छिपे हुए हैं. हालांकि, इनको चुन-चुन कर कौन मार रहा है यह तो बता पाना मुश्किल है, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि भारत के दुश्मनों को कोई भी खात्मा करें तो यह देश के लिए राहत वाली खबर है. हमने देखा कि पिछले चार से पांच वर्षों में पाकिस्तान और पीओके में ऐसे कई आतंकी मारे गए, जो भारत में हमले के जिम्मेदार थे. खुफिया जानकारी ही नहीं बल्कि यह दुनिया के कई देश जानते हैं कि पाकिस्तान में आतंकियों को पनाह कौन देता है. इसके पीछे वहां की सेना और आईएसआई के हाथों को होने से नहीं टाला जा सकता है.

सवाल यह है कि आतंकियों को पनाह देने की अपनी हरकतों से पाकिस्तान कब तक बाज आएगा? भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले और भारत विरोधी अभी भी कई ऐसे आतंकी हैं, जो पाकिस्तान में डेरा डाले हुए हैं. इनमें हाफिज सईद, मसूद अजहर, दाऊद इब्राहिम जैसे कई आतंकी सरगना और आतंकियों के नाम शामिल है. आने वाले दिनों में यह बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता है कि अज्ञात बंदूकधारियों का अगला निशाना कौन होगा.

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