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Rupee vs Dollar: मंगलवार 12 मई को भारतीय करेंसी रुपये में 40 पैसे की भारी गिरावट दर्ज की गई थी. तब यह डॉलर के मुकाबले 40 पैसे गिरकर 95.68 पर बंद हुआ था.
रुपया बनाम डॉलर: पश्चिम एशिया में तनाव जारी है. इस बीच आयात प्रतिबंधों की वजह से अमेरिकी डॉलर की मांग में कमी की उम्मीद देखी जा रही है. इस वजह से आज बुधवार को भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी दिखाई है. मार्केट के खुलते ही शुरुआती कारोबार में रुपये ने अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से 16 पैसे की मजबूती हासिल की है. रुपये की इस रिकवरी ने भारतीय बाजार को सकारात्मक सपोर्ट किया है. यह डॉलर के मुकाबले 16 पैसे बढ़कर 95.52 पर पहुंच गया है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में रिकवरी व मजबूती की कई वजह हैं, जिन्हें एक्सपर्ट ने बताया है.
भारत ने बढ़ाई गोल्ड-सिल्वर आयात शुल्क
फॉरेक्स ट्रेडर्स व एक्टपर्ट्स का कहना है कि मार्केट के निवेशक डॉलर-रुपये में कुछ मजबूती की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि गोल्ड के आयातक अपनी मांग को कम कर रहे हैं. देश की सरकार ने गोल्ड और सिल्वर पर आयात शुल्क (Import Duties) को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. इसकी वजह यह है कि इन धातुओं की विदेशी खरीद पर रोक लगाया जा सके और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर प्रेशर को कम किया जा सके. हालांकि, कच्चे तेल के ऊंचे दाम और विदेशी बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने निवेशकों की भावनाओं पर निगेटिव असर डाला.
बता दें कि रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों से 7 अपील की थी. इनमें से एक अपील एक साल तक सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी, ताकि विदेशी मुद्रा की रक्षा में मदद मिल सके. कारण साफ है कि भारत अधिकांश कीमती वस्तुओं का आयात करता है और उसका अपना उत्पादन न के बराबर है.
डॉलर के मुकाबले रुपये 95.52 पर खुला
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में, डॉलर के मुकाबले रुपये 95.52 पर खुला. रुपया अपने पिछले बंद भाव से 16 पैसे मजबूत हुआ है. बता दें कि मंगलवार 12 मई को भारतीय करेंसी रुपये में 40 पैसे की भारी गिरावट दर्ज की गई थी. तब यह डॉलर के मुकाबले 40 पैसे गिरकर 95.68 पर बंद हुआ था.
रुपये को मजबूती मिलेगी- एक्सपर्ट
मार्केट जानकारों और व्यापारियों का कहना है कि गोल्ड के आयात शुल्क में बढ़ोतरी से देश में सोने की मांग में कमी आ सकती है, जो कीमती धातुओं का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है. वहीं, फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा,”यह कदम चालू खाता राजस्व (सीएडी) को कम करने में भी मदद करेगा और रुपये को कुछ हद तक मजबूत करेगा।”
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समाचार स्रोत: पीटीआई
