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निकोलस मादुरो को कैद करना ट्रंप को पड़ेगा भारी?

by Live India
निकोलस मादुरो को कैद करना ट्रंप को पड़ेगा भारी?

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US Strikes Venezuela : अमेरिकी कार्रवाई पर चीन ने चिंता व्यक्त की है. साथ ही ड्रैगन ने निकोलस और उनकी पत्नी की व्यक्तिगत सुरक्षा का भी आह्लान किया और कहा कि उन्हें जल्द से जल्द अमेरिका रिहा कर दे.

4 जनवरी 2026

अमेरिकी हमले वेनेज़ुएला: वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय समुदाय से काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. रूस से लेकर चीन और अन्य देश ने इस हमले की कड़ी निंदा की. साथ ही इन देशों ने तत्काल राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करने की मांग की है. चीन ने बातचीत के माध्यम से मुद्दे को हल करने के लिए कहा है. वहीं, अमेरिका में विपक्षी नेताओं ने भी इस हमले को सही नहीं ठहराया है और कहा कि किसी देश पर हमला करने से पहले कांग्रेस की सहमति होनी जरूरी होती है. दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि अगर बीच का रास्ता नहीं निकाला जाता है तो डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई ही उन पर भारी पड़ सकती है.

इंटरनेशनल लॉ का बताया वायलेंस

अमेरिकी सेना द्वारा निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करके न्यूयॉर्क ले जाने के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया, जिसमें ड्रैगन ने कहा कि अमेरिका द्वारा कैद किए गए राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी के प्रति चीन चिंता व्यक्त करता है. चीन ने आगे कहा कि इस तरह की कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मापदंडो और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों तथा सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है.

मादुरो को तत्काल रिहा करें USA

जारी किए बयान में आगे कहा गया है कि चीन अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी की सुरक्षा को सुनिश्चित करने, उन्हें तुरंत रिहा करने और वेनेजुएला सरकार को गिराने से बचाने के लिए आह्वान करता है. इससे पूर्व शनिवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों और मादुरो की गिरफ्तारी को एक वर्चस्ववादी कृत्य बताया था और कहा था कि यह इंटनेशनल लॉ का खुला उल्लंघन था.

निकोलस की गिरफ्तारी से ड्रैगन को तगड़ा झटका

चीन के विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि चीन अमेरिका की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करता है. हम अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्य और सिद्धांतों का पालन करने के साथ अन्य देशों की संप्रभुता के सम्मान का भी आह्वान करते हैं. आपको बताते चलें कि अमेरिका की इस कार्रवाई से चीन को भारी झटका लगा है, क्योंकि चीन ने काफी समय से पहले वेनेजुएला से अच्छे रिश्ते हैं और चीन लगातार उससे सस्ता तेल भी खरीदता आ रहा है.

इसलिए की अमेरिका ने कार्रवाई

वहीं, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस तख्तापलट का उद्देश्य खतरनाक ड्रग्स के फ्लो को कम करने की दिशा में एक कदम है. राष्ट्रपति ट्रंप ने दूसरे फायदों को लेकर कहा कि देश में लीडरशिप में हिस्सेदारी और तेल पर ज्यादा कंट्रोल शामिल है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सरकार देश को लीड करने में मदद करेगी और पहले से ही इसको चलाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं. दूसरी तरफ वेनेजुएला के सरकारी टीवी ने मादुरो का समर्थन किया और काराकास में विरोध प्रदर्शन में सड़कों पर उतरे समर्थकों का एक वीडियो भी जारी किया.

यह भी पढ़ें- निकोलस मादुरो के अमेरिका पहुंचने पर ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- अब USA वेनेजुएला पर राज कर पाएगा

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