11
Cricket News : पूर्व भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कई सालों पर बड़ा खुलासा किया है. उनका कहना है कि जब मैं जब क्रिकेट खेलता था उस दौरान मेरे साथियों ने मेरे ऊपर रंगभेदी टिप्पणी की थी.
क्रिकेट समाचार: भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भले ही ज्यादा लंबा न चला हो, लेकिन उन्होंने अपनी फिरकी से सलीम मलिक और इमरान खान समेत कई दिग्गजों को नाकों चने चबवा दिए थे. हालांकि, उनकी विलक्षण प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन के बाद भी वह क्रिकेट की दुनिया में अपना ज्यादा लंबा सफर तय नहीं कर पाए थे. लक्ष्मण ने अब खुलासा किया कि शानदार प्रदर्शन के बाद भी क्यों लंबे समय तक वह मैच नहीं खेल पाए थे.
नस्लीय टिप्पणियों ने बार-बार तोड़ा
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने बताया कि क्रिकेट में लंबा करियर नहीं चलने का कारण प्रतिभा या खेल में सुधार कमी नहीं थी, बल्कि उनके साथ नस्लीय टिप्पणी थीं. उन्होंने कहा कि एक बार उनके एक साथी खिलाड़ी ने कहा था कि उनके लिए सही रंग का केक मंगवाया गया है, क्योंकि वह सांवले हैं और उनके लिए डार्क चॉकलेट वाला केक लाया गया है.
सीनियर खिलाड़ी ने जूते साफ करने के लिए बोला
एक अंग्रेजी समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ऐसे मुद्दे पर खुलकर चर्चा की. लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का कहना है कि अन्य कारणों ने भी उन ऊपर एक गहरा प्रभाव छोड़ा है और उसको भूलना थोड़ा मुश्किल होता है. पूर्व क्रिकेटर का स्पष्ट कहना है कि नस्लभेद की टिप्पणियों से उन्हें बार-बार गुजरना पड़ा है और उसने मेरे दिल पर गहरी छाप छोड़ी है. उन्होंने बताया कि जब वह 14 साल के थे, तो उस दौरान चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में भारतीय टीम के लिए नेट प्रैक्टिस में गेंदबाज के तौर पर शामिल हुए थे. फिर वह अपनी जर्सी में ही अपने ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने के लिए एक छोटे कमरे की तरफ दौड़े, जहां पर एक सीनियर प्लेयर ने उनको पुकारा. लक्ष्मण ने बताया कि उस भारतीय खिलाड़ी ने मुझसे जूते साफ करने के लिए कहा.
यह मेरा काम नहीं है : लक्ष्मण
इस बात को सुनने के बाद निराश लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कहा कि मैंने उनकी ओर देखा और कहा कि यह मेरा काम नहीं है, आप जो करना चाहते हैं वह कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि उन सीनियर खिलाड़ी ने मुझे ग्राउंड स्टाफ समझ लिया था. पूर्व दिग्गज ने बताया कि उस वक्त नहीं पता था कि नस्लभेद और रंग भेद क्या होता है. मैं उस वक्त सोच रहा था कि उस आदमी ने मुझे इस तरह का काम करने के लिए क्यों बोला?
