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युद्ध रोकने के लिए ईरान ने रखी 3 शर्तें

by Live India
Iran 3 Conditions

Iran 3 Conditions: ईरान और अमेरिका लगातार एक दूसरे को निशाना बना रहे हैं. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने युद्ध खत्म करने के लिए 3 शर्तें रखी हैं.

12 मार्च, 2026

ईरान-अमेरिका युद्ध के 13वें दिन भी दोनों देशों की तरफ से एक दूसरे पर हमले जारी हैं. अमेरिका तेहरान पर हमले कर रहा है तो वहीं ईरान ने भी ईराक के रास्ते पर अमेरिका के जहाजों को निशाना बनाया. वहीं दूसरी तरफ स्ट्रेट होर्मुज बंद होने पर दुनियाभर में तेल की कीमत आसमान छू रही हैं. ईरान पहले ही कह चुका है कि अमेरिका ने युद्ध शुरू किया है, लेकिन अब ईरान इसे खत्म करेगा. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने युद्ध खत्म करने के लिए 3 शर्तें रखी हैं.

कौन सी हैं वो तीन शर्तें

रूस और पाकिस्तान इस युद्ध को रुकवाने के लिए आगे आए हैं. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने उनके सामने 3 शर्तें रखी हैं. एक्स पर पोस्ट कर अमेरिका के सामने 3 शर्तें रखी हैं. उन्होंने लिखा, “रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते हुए, मैंने इस इलाके में शांति के लिए ईरान के वादे को फिर से दोहराया किया. जायोनी शासन और US की वजह से शुरू हुई इस लड़ाई को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को पहचानना, हर्जाना देना और भविष्य में हमले के खिलाफ पक्की अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना है.”

झुकेगा नहीं ईरान

ईरान की यह शर्तें ऐसे समय में सामने आई हैं, जब युद्ध खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं. ईरान ने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते हुए अपनी शर्तों पर शांति स्थापित करने की वादे पर जोर दिया है. इसके साथ ही वह अमेरिका और इजरायल को युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराना चाहता है. पेजेश्कियान के पोस्ट से यह साफ होता है कि ईरान युद्ध रोकने के लिए तैयार है, लेकिन इजरायल और अमेरिका के सामने झुकने के लिए नहीं.

क्या चाहता है अमेरिका

यह युद्ध 28 फरवरी को शुरु हुआ जब अमेरिका और इजरायली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई मारे गए. तब से ही युद्ध दिन प्रतिदिन भीषण होता जा रहा है. अमेरिका ने साफ कहा कि अभी उसका मकसद पूरा नहीं हुआ है. मोजतबा खामेनेई के ईरान के नए सुप्रीम लीडर बन जाने के बाद भी ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान से इस्लामिक शासन का अंत करना चाहते हैं और अपने पसंद की सरकार स्थापित करना चाहते हैं. वहीं इजरायल ने ईरान के नए लीडर को अपना अगला टारगेट बताया है. दूसरी ओर ईरान ने स्ट्रेट होर्मुज का रास्ता बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया को तेल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में युद्ध रुकने के बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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