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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम में 19,680 करोड़ की सौगात दी. इस मौके पर पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त जारी कर 9.3 करोड़ किसानों को लाभान्वित किया.
पीएम मोदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम में 19,680 करोड़ की सौगात दी. इस मौके पर पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त जारी कर 9.3 करोड़ किसानों को लाभान्वित किया. इस दौरान उन्होंने चाय बागान श्रमिकों को भूमि अधिकार (पट्टे) प्रदान करने के असम सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक अन्याय का अंत बताया. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि विपक्षी दल ने दशकों तक इस समुदाय की उपेक्षा की, जबकि भाजपा सरकार उन्हें सम्मान और सुरक्षा दे रही है. ये परियोजनाएं मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्रों के सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं.
तीन परिवारों को सौंपे पट्टे
मोदी ने चाय बागान श्रमिकों को संपत्ति परिसर के भीतर आवास या श्रमिक लाइनों में भूमि अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू की, पहले चरण में 28,241 परिवारों को यह लाभ प्राप्त हुआ. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने औपचारिक रूप से तीन परिवारों को पट्टे सौंपे. उन्होंने कहा कि दरअसल, मैं सभी चाय बागान श्रमिकों को जमीन का पट्टा देकर अपना कर्ज चुका रहा हूं. आपके द्वारा उत्पादित चाय की पत्तियां गुजरात पहुंची और उससे बनी चाय बेचकर मैं आज इस स्थिति में पहुंचा हूं. आपका आशीर्वाद है. चाय श्रमिकों को भूमि अधिकार मिलने से उनके परिवारों में खुशी की लहर छा गई. पीएम ने कहा कि असम सभी पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक मॉडल बन रहा है. पिछले 10 वर्षों में इसका विकास पश्चिम बंगाल में छाप छोड़ रहा है, क्योंकि वहां के लोग इस बार भाजपा सरकार चाहते हैं.
सभी वर्गों का विकास ही एनडीए का लक्ष्य
असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है. एनडीए सरकार के कल्याणकारी कदमों के बारे में बताते हुए मोदी ने कहा कि हमने अपने किसानों को कोविड -19 और युद्ध जैसी वैश्विक घटनाओं से बचाया है. हमने किसान भाइयों को राहत देने के लिए उर्वरक सब्सिडी के रूप में 12 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं. मोदी ने कहा कि सभी पहलुओं में सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाओं और उपायों के माध्यम से उनके चारों ओर एक सुरक्षा जाल विकसित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 2014 से पहले 10 वर्षों में एमएसपी के रूप में 6.5 लाख करोड़ रुपये दिए, जबकि हमने पिछले दशक में 20 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए हैं. धीरे-धीरे कृषि से लेकर ऊर्जा तक सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार सहानुभूति और सुशासन के लिए जानी जाती है. हम समाज के सभी वर्गों के विकास में विश्वास करते हैं.
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