12
Welcome To Hell: मिडिल ईस्ट की जंग हर दिन एक बड़ा और घातल रूप ले रही है. इस बीच ईरान ने अमेरिका को ऐसी वॉर्निंग दी है, जिसके बाद दुनिया में हर तरफ हड़कंप मच गया है.
28 मार्च, 2026
दुनिया के नक्शे पर एक बार फिर बारूद की गंध तेज हो गई है. मिडिल ईस्ट में टेंशन इस कदर बढ़ गई है कि अब धमकियां सीधे ‘ताबूत’ तक पहुंच चुकी हैं. दरअसल, ईरान के बड़े अखबार ‘तेहरान टाइम्स’ ने अपने फ्रंट पेज पर एक ऐसी हेडलाइन छापी है जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है. इस न्यूज़ पेपर ने बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है- नर्क में आपका स्वागत है. वैसे, ये कोई फिल्मी डॉयलॉग नहीं, बल्कि वाशिंगटन को दी गई सीधी वॉर्निंग है. ईरान ने क्लियर कर दिया है कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने उसकी सरजमीं पर कदम रखा, तो वे यहां से जिंदा नहीं, बल्कि सिर्फ ‘ताबूत’ में ही बाहर निकलेंगे. आपको बता दें कि ये रिएक्शन उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने 10,000 और सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है.
जमीन पर शुरू होगी जंग
अमेरिका की इस खबर ने उन चर्चाओं को हवा दे दी है कि क्या वाशिंगटन अब ईरान के अंदर घुसकर जमीनी कार्रवाई यानी ‘ग्राउंड ऑपरेशन’ की प्लानिंग कर रहा है. हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ये कह रहे हैं कि ईरान के साथ शांति वार्ता चल रही है, लेकिन हकीकत में अमेरिकी सेना की मौजूदगी इलाके में लगातार बढ़ती जा रही है. 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से ही मिडिल ईस्ट का पूरा इलाका सुलग रहा है. वहीं, अब नए सैनिकों की खेप इस जंग में आग में घी डालने का काम कर सकती है.
यह भी पढ़ेंःPM मोदी ने की सऊदी प्रिंस से बात, कहा- ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले बर्दाश्त नहीं; जानें और क्या बोले?
ईरान का पलटवार
वहीं, ईरान भी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठा है. ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका ने जमीन के रास्ते हमला किया, तो वो यमन में अपने हुती सहयोगियों को एक्टिव कर देंगे. इसका मतलब है कि रेड सी में जहाजों पर हमले फिर से शुरू हो सकते हैं, जिससे वॉर का एक नया मोर्चा खुल जाएगा. फिलहाल ये साफ नहीं है कि ये नए अमेरिकी सैनिक कहां तैनात किए जाएंगे, लेकिन उम्मीद है कि उन्हें ईरान के बहुत करीब या तेल एक्सपोर्ट के मेन सेंटर ‘खार्ग आइलैंड’ के पास रखा जा सकता है.
दावा और हकीकत
एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि वॉर खत्म करने के लिए बातचीत बहुत अच्छी चल रही है. इसके अलावा उन्होंने ईरानी तेल ठिकानों पर हमलों की डेडलाइन भी आगे बढ़ा दी है. वहीं दूसरी तरफ, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. इजरायली सेना ने हाल ही में तेहरान में कई ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं. इतना ही नहीं, लेबनान के साउथ हिस्सों में भी इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच सीधी भिड़ंत की खबरें आ रही हैं. यानी एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं और दूसरी तरफ घातक हथियारों और सैनिकों की लामबंदी. अब आने वाला टाइम तय करेगा कि दुनिया शांति की ओर बढ़ेगी या फिर गल्फ कंट्री एक बडी तबाही की गवाह बनेंगी.
समाचार स्रोत: पीटीआई
