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Stock Market: हफ्ते के पहले दिन की शेयर मार्केट में तगड़ी गिरावट देखी गई. मिडिल ईस्ट की आग ने मार्केट को काफी झुलसा दिया है. ऐसे में अगर आप भी इन्वेस्टर हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है.
30 मार्च, 2026
आज सुबह जब शेयर बाजार खुला, तो दलाल स्ट्रीट पर रौनक की जगह थोड़ी घबराहट देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 950 पॉइंट नीचे लुढ़क गया और निफ्टी भी 22,600 के लेवल से नीचे आ गया. अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक ऐसा क्या हो गया, तो इसकी सबसे बड़ी वजह सात समंदर पार छिड़ी जंग है. मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने भारतीय इन्वेस्टर्स के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं.
बैंक और ऑटो सेक्टर
शेयर मार्केट में आज हर तरफ लाल निशान का बोलबाला रहा. खासतौर पर बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयर्स में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई. एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा और एसबीआई जैसे बड़े नाम आज फिसलते नजर आए. लेकिन कहते हैं न कि अंधेरे में भी कहीं न कहीं रोशनी होती है. वैसा ही कुछ मेटल और ऑयल एंड गैस के शेयर्स के साथ हुआ. हिंडाल्को और ओएनजीसी जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाई और गिरते बाजार में भी खुद को संभाले रखा. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 1.5% तक टूट गए.
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जंग का असर
मिडल ईस्ट में चल रही वॉर अब 5वें हफ्ते में पहुंच गई है. अमेरिका की एंट्री और हूती विद्रोहियों के हमलों ने आग में घी डालने का काम किया है. इसका सीधा असर ब्रेंट क्रूड पर पड़ा, जो उछलकर 116 डॉलर के करीब पहुंच गया है. भारत के लिए ये खबर अच्छी नहीं है क्योंकि हम अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल इम्पोर्ट करते हैं. पहले हम जिस शानदार हाई जीडीपी और कम महंगाई की उम्मीद कर रहे थे, अब वॉर की वजह से उस पर बादल मंडराने लगे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे आने वाले टाइम में महंगाई बढ़ सकती है.
डॉलर वर्सेस रुपया
भले ही शेयर बाजार में गिरावट हो, लेकिन रुपये के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है. दरअसल, RBI ने एक फैसला लेते हुए बैंकों के लिए फॉरेन करेंसी बिजनेस की कुछ लिमिटेशन तय कर दी हैं. इस कदम से सट्टेबाजी पर लगाम लगेगी और रुपया मजबूत होगा. आज सुबह रुपया डॉलर के मुकाबले 130 पैसे की मजबूती के साथ 93.59 पर खुला. आरबीआई के इस मास्टरस्ट्रोक से आने वाले दिनों में करेंसी मार्केट में स्टेबिलिटी आने की उम्मीद है.
कोल इंडिया की खबर
बाजार की हलचल के बीच कुछ कंपनियों ने बड़ी अनाउंसमेंट भी की हैं. सरकारी कंपनी कोल इंडिया को तेलंगाना में एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला है, जिसकी लागत 1,057 करोड़ रुपये से ज्यादा है. वहीं, बॉम्बे बर्मा ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ने नीलगिरी में अपने चाय के बागान 120 करोड़ रुपये में बेच दिए हैं. हालांकि, इसके बावजूद कंपनी के शेयर्स में थोड़ी गिरावट देखी गई. वहीं, दूसरी तरफ फॉरेन इन्वेस्टर्स लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. अकेले मार्च के महीने में उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ बिकवाली की है. वॉर का डर और रुपये की कमजोरी उन्हें बाजार से दूर ले जा रही है. आज निफ्टी की मंथली एक्सपायरी भी है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव यानी वॉलेटिलिटी ज्यादा रहने की उम्मीद है. वैसे, ध्यान रहे कि कल यानी 31 मार्च को छुट्टी की वजह से शेयर मार्केट बंद रहेगी. फिलहाल बाजार वेट एंड वॉच की सिचुएशन में है.
