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Pawan Khera Case :SC से मिली पवन खेड़ा को राहत

by Live India
Pawan Khera Case :SC से मिली पवन खेड़ा को राहत

Pawan Khera Case : सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर लगाए गए आरोप के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है. हालांकि, उन्हें थाने की तरफ से बुलाए जाने पर पेश होना पड़ेगा.

Pawan Khera Case : कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से बड़ी राहत मिली है. उन्हें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए गए आरोप के मामले में सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है. 30 अप्रैल, 2026 को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया. बता दें कि पवन खेड़ा ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के 14 अप्रैल के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों का सही तरीके आकलन नहीं किया और कुछ निष्कर्ष बिना पर्याप्त आधार के निकाले गए. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि खेड़ा को जमानत देने का फैसला सही नहीं था. इसके अलावा अदालत ने यह भी पाया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 339 के संबंध में कुछ टिप्पणियों मामले के डॉक्यूमेंट में उचित आरोपों के बिना की गई थीं.

कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाएंगे खेड़ा

कोर्ट ने यह भी कहा कि हम इस तथ्यों से पूरी तरह अवगत हैं, जिसमें पवन खेड़ा और हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की तरफ से आरोप प्रत्यारोप लगाए गए हैं. हालांकि, किसी की आजादी के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया गया है. इसके अलावा शीर्ष अदालत ने पवन खेड़ा को यह भी बताया कि बर कोर्ट की अनुमति के बिना वह देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह अनुमति दी कि वह इन शर्तों में और शर्तें जोड़ सकते हैं.

वहीं, पवन खेड़ा की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले को अभूतपूर्व बताया था. साथ ही उन्होंने मजाकिया अंदाज में मुख्यमंत्री के लिए व्यंग्यात्मक रूप से अभियोजक के बॉस के बॉस के बॉस शब्द तक का इस्तेमाल किया था.

क्या था पूरा मामला?

पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश का यह मामला उनके द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए दावों के बाद दर्ज किया गया था. इस पीसी में खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं और उनकी विदेशों में कई सारी संपत्ति भी है.

इस दौरान खेड़ा ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सार्वजनिक और राजनीतिक संदर्भ में दिए गए संदर्भ से उत्पन्न हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के लिए उनके बयानों का चुनिंदा तरीके से अर्थ से निकाला गया. वहीं, खेड़ा ने कहा कि एफआईआर सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध को पूरा करने के लिए की गई थी.

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