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Windfall Tax on Petrol: सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) घटा दिया है और पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 3 रुपये/लीटर का विंडफॉल गेन टैक्स लगाया है. यह नई दरें 16 मई से लागू होंगी.
16 मई, 2026
सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 3 रुपये/लीटर का विंडफॉल गेन टैक्स लगाया, जबकि डीजल पर लेवी घटाकर 16.5 रुपये/लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर 16 रुपये/लीटर कर दिया. नई दरें आज से यानी 16 मई से लागू होंगी. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि पेट्रोल और डीजल के एक्सपोर्ट पर रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस जीरो होगा. साथ ही, घरेलू इस्तेमाल के लिए मंजूर पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा ड्यूटी रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
पेहली बार पेट्रोल पर लगा SAED
वेस्ट एशिया संकट शुरू होने के बाद पहली बार पेट्रोल पर 3 रुपये/लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) लगाई गई है. डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 23 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 33 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.
बता दें, सरकार ने 26 मार्च को डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 29.5 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई थी. 11 अप्रैल के रिव्यू में, डीजल पर ड्यूटी बढ़ाकर Rs 55.5/लीटर और ATF पर Rs 42/लीटर कर दी गई. 30 अप्रैल के रिव्यू में, डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर Rs 23/लीटर और ATF पर Rs 33/लीटर कर दी गई. अब 16 मई को एक और कटौती के बाद डीजल 16.5 रुपये और ATF 16 रुपये पर आ गया है.
घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगाया गया टैक्स
US-इजराइल और ईरान युद्ध के बीच फ्यूल की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए विंडफॉल टैक्स लगाया गया था. इसका मकसद एक्सपोर्टर्स को कीमतों में अंतर के कारण गलत फायदा उठाने से रोकना भी था, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं.
28 फरवरी को, अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर मिलिट्री हमले किए, जिससे तेहरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते को बंद कर दिया. इसके बाद तेल की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई. पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतें USD 100 प्रति बैरल से ऊपर रहीं, जबकि युद्ध से पहले यह लगभग USD 73 प्रति बैरल थी. मंत्रालय ने कहा कि विंडफॉल टैक्स पश्चिम एशिया संकटों के बैकग्राउंड में एक्सपोर्ट को हतोत्साहित करके पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए था.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
