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नीट पेपर लीक मामला: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के द्वारा आयोजित होने वाली मेडिकल की परीक्षा NEET-UG 2026 को बीते दिनों 3 मई को परीक्षा होने के बाद रद्द कर दिया गया था. इस प्रवेश परीक्षा के जरिए देश भर में मेडिकल में ग्रेजुएशन के लिए एडमिशन होता है. पेपर लीक होने के बाद एनटीए ने यह कार्रवाई की थी. इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है और जांच एजेंसी ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस बीच नीट पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. जानकारी के अनुसार, आज रविवार को दिल्ली की एक अदालत ने नीट पेपर लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आइए जानते हैं पूरी खबर…
सीबीआई ने की थी रिमांड की मांग
मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. स्पेशल जज रुचि अग्रवाल असरानी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की गई थी. जांच एजेंसी ने कहा कि खैरनार सहित अन्य आरोपी परीक्षा शुरू होने से पहले ही NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्न पत्रों के लीक होने में “सक्रिय रूप से” शामिल थे.
सीबीआई ने अपने रिमांड लेटर में कहा, “जांच करने के उद्देश्य से, गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना आवश्यक है ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड़ और जांच से जुड़े गवाहों को प्रभावित करने से रोका जा सके.” एजेंसी ने आगे कहा कि आरोपियों को फरार होने, फिजिकल या डिजिटल सबूतों को नष्ट करने और “प्रश्नों के लीक से जुड़े इसी तरह के अपराधों को अंजाम देने” से रोकने के लिए न्यायिक हिरासत भी आवश्यक थी. याचिका में कहा गया है, “मामला फिलहाल जांच के शुरुआती चरण में है और मामले के हित में न्यायिक हिरासत आवश्यक है. यह भी निवेदन किया जाता है कि मामले में आगे की प्रगति के आधार पर, कानूनी प्रावधानों के अनुसार, जांच के लिए (कैरनार की) पुलिस हिरासत की आवश्यकता पुनः हो सकती है.”
पहले भी रिमांड पर आरोपी
बता दें कि इससे पहले, 14 मई को कोर्ट द्वारा खैरनार और अन्य चार आरोपियों को सीबीआई की सात दिनों की हिरासत में भेज दिया गया था. सीबीआई द्वारा यह बताए जाने के बाद कि अन्य आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आरोपी से आगे पूछताछ करने की आवश्यकता है, जिन्हें उसने NEET-UG 2026 के प्रश्न पत्र बेचे थे, खैरनार की हिरासत में पूछताछ को 20 मई को पांच दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था.
जांच एजेंसी ने “पेपर लीक नेटवर्क” से जुड़े कम्यूनिकेशन रिकॉर्ड और वित्तीय रिकॉर्ड सहित डिजिटल उपकरणों और साक्ष्यों को बरामद करने और उनका विश्लेषण करने की आवश्यकता का भी हवाला दिया. सीबीआई ने आगे कहा था कि इस बड़ी साजिश और लीक हुए प्रश्न पत्र के स्रोत का पता लगाना होगा और आरोपियों को महाराष्ट्र के नासिक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाना होगा. वहीं, सीबीआई के अनुसार, खैरनार से भी पूछताछ करनी पड़ी ताकि उन स्थानों की पहचान की जा सके जहां कुछ उम्मीदवारों को प्रश्न बताए गए थे.
3 मई को हुई थी नीट परीक्षा
मालूम हो कि पूरे देश भर में NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी. इसमें करीब 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे. परीक्षा के 9 दिन बाद एनटीए ने इसे रद्द कर दिया. बताया गया कि NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक हो गए थे. परीक्षा रद्द होते ही बच्चों के साथ उनके अभिभावकों में चिंता देखी गई.
वहीं, बीते दिनों एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा था कि एजेंसी को 7 मई को परीक्षा के चार दिन बाद, एक व्हिसलब्लोअर से जानकारी मिली थी कि एक ‘गेस पेपर’ का पीडीएफ व्हाट्सऐप पर सर्कुलेट किया गया था. जिसमें वास्तविक नीट परीक्षा जैसे ही प्रश्न थे. उन्होंने आगे कहा था, “परीक्षा में किसी भी तरह का उल्लंघन हमारी जीरो-टॉलरेंस नीति के खिलाफ है और इससे उन 22 लाख छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है जिन्होंने इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी.”
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