Home Kerala क्या Kerala Assembly में हुआ ‘वंदे मातरम’ का अपमान?

क्या Kerala Assembly में हुआ ‘वंदे मातरम’ का अपमान?

by Live India
BJP partial Vande Mataram Kerala Assembly insult Governor

केरल विधानसभा: वन्दे मातरम् के अपमान को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने में शुक्रवार को आरोप लगाया कि केरल विधानसभा में राज्यपाल के संबोधन के दौरान राष्ट्र गीत को पूरा नहीं गाया गया. पार्टी ने कहा क यह लोक भवन का अपमान है. बताया जा रहा है कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के नीतिगत संबोधन से पहले और बाद में एक बैंड टीम ने वन्दे मातरम् के शुरुआती छंदों की प्रस्तुति दी. वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक वीडी मुरलीधरन ने कहा कि जिस कार्यक्रम में गवर्नर शामिल होते हैं उसमें राष्ट्रगीत पूरा गाया जाना चाहिए. लेकिन केरल विधानसभा में इसका पालन नहीं किया गया.

सीपीएम के दबाव में ऐसा किया गया

विधायक ने कहा कि यह राज्यपाल का अपमान है. राष्ट्रीय गीत की इस वर्ष 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है, ऐसे मौके पर केरल विधानसभा में अपमान किया गया. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार ने जमात-ए-इस्लामी और CPI(M) के दबाव में आकर ऐसा किया है. कांग्रेस सरकार ऐसा करके बता रही है कि राष्ट्रीय गीत धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है.

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वामपंथी दलों ने बताया धर्मनिरपेक्ष के विरुद्ध

अब सवाल खड़ा किया जा रहा है कि सतीशन को स्पष्ट कर देना चाहिए कि कांग्रेस ने कब से वंदे मातरम् से दूरी बनाना शुरू कर दिया है. बता दें कि 1896 में कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में यह गीत गाया गया था. बीजेपी विधायक ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर हम अपना कड़ा विरोध दर्ज करवाते हैं. बता दें कि इससे पहले भी UDF कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम के पूरे गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. वहीं, वामपंथी दल सीपीआई और सीपीएम ने इस गीत पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाते हुए इसको धर्मनिरपेक्ष और बहुलवादी समाज के पूरे गायन को अनुचित बताया.

जानें क्या बोले राज्यपाल?

बता दें कि 16वें सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सरकार का नीति अभिभाषण को पढ़ा. इस दौरान उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति को बताया. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार जल्द एक व्हाइट पेपर विधानसभा में पेश करेगी. इसके माध्यम से राज्य की आर्थिक स्थिति, कर्ज, देनदारियां और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जनता के सामने रखी जाएगी. सरकार की तरफ उठाया जाने वाला यह कदम सिर्फ जनता के बीच पारदर्शिता लाना है. साथ ही लोगों का सरकार के प्रति विश्वास को भी बढ़ाना है. राज्यपाल ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट कर दिया कि जनता के लिए राज्य में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी. सरकार का पूरा फोकस है कि सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं को जारी रखना है.

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