2
एमपी किसान विरोध: मध्य प्रदेश में किसानों का विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है. मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) पर 100% मूंग (हरा चना) खरीदने की मांग को लेकर नर्मदापुरम से किसानों का मार्च मंगलवार को भोपाल पहुंचा. राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और किसानों के बीच देर रात हुई बातचीत बेनतीजा रही. किसान कल रात से ही सावरकर सेतु पर धरना दे रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे धरना जारी रखेंगे. किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण आज राजधानी भोपाल के कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
सीएम हाउस घेरने का ऐलान
सैकड़ों किसानों ने मुख्यमंत्री के घर का घेराव करने का ऐलान किया था, लेकिन उन्हें होशंगाबाद रोड पर वीर सावरकर ब्रिज से पहले रोक दिया गया. बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है और सीनियर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. अधिकारियों ने बताया कि किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में बैरिकेड लगाए गए हैं और दूसरे जिलों से और पुलिस फोर्स भेजी गई है.
किसानों की मांगे
तिरंगा लेकर और “जय जवान, जय किसान” और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान सोमवार देर शाम सीहोर जिले के बुधनी पहुंचे और मंगलवार को भोपाल के लिए रवाना हो गए. MSP पर 100% मूंग खरीदने के अलावा, उनकी मांगों में ई-टोकन सिस्टम की समस्या का समाधान और सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराना शामिल है. पुलिस ने भोपाल तिराहा और बुधनी से भोपाल जाने वाले रास्ते पर कई जगहों पर बैरिकेड लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे पैदल ही अपना सफ़र जारी रखते रहे. उनके साथ पानी और खाना ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी थीं.
पांच दिन खाना-पानी लेकर बैठे किसान
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पांच दिन का खाना और पानी था और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे वापस नहीं जाएंगे. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें आरोप लगाया गया कि सरकार की बेपरवाही से मूंग उगाने वाले किसान परेशान हैं. नाथ ने कहा कि मूंग खरीदने की प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए और सीएम यादव को अधिकारियों को जरूरी ऑर्डर देने चाहिए.
विपक्ष का आरोप
मध्य प्रदेश देश का सबसे बड़ा मूंग उत्पादक राज्य है. केंद्र सरकार ने 2025-26 में राज्य के लिए 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग का कोटा तय किया है. हालांकि, कमलनाथ ने एक बयान में दावा किया कि 16 जुलाई तक तय कोटे का सिर्फ 2 परसेंट ही खरीदा गया है. इस वजह से किसानों को औने-पौने दामों पर मूंग बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. नाथ ने कहा, “जब केंद्र सरकार ने देश की कुल मूंग खरीद का 87 प्रतिशत मध्य प्रदेश के लिए तय किया है, तो राज्य सरकार इसे क्यों नहीं खरीद रही है? यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है. किसानों से मूंग खरीदने की प्रक्रिया में तुरंत तेजी लाई जानी चाहिए.”
