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सर्वाधिक अस्वीकृत चलचित्र: आज भी अगर बॉलीवुड की सबसे शानदार रोमांटिक फिल्मों की बात हो, तो ‘जब वी मेट’ का नाम सबसे पहले लिया जाता है. गीत और आदित्य की दिल छू लेने वाली कहानी, मजेदार डायलॉग्स और बेहतरीन गानों ने इस फिल्म को एक कल्ट क्लासिक बना दिया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सुपरहिट फिल्म की स्क्रिप्ट को सबसे ज्यादा बार रिजेक्ट किया गया था? दरअसल, फिल्म के डायरेक्टर इम्तियाज अली ने हाल ही में खुलासा किया कि ‘जब वी मेट’ उनकी सबसे ज्यादा रिजेक्ट की गई स्क्रिप्ट थी. हैरानी की बात तो ये है कि खुद इम्तियाज को भी शुरुआत में नहीं लगता था कि ये कहानी कभी फिल्म बन पाएगी.
स्क्रिप्ट पर नहीं था भरोसा
इम्तियाज अली ने बताया कि जब वो अपनी पहली फिल्म ‘सोचा ना था’ की शूटिंग कर रहे थे, तब खाली टाइम में उन्होंने ‘जब वी मेट’ की कहानी लिखी. ये कहानी उन्होंने किसी प्रोड्यूसर को इम्प्रेस करने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ अपने एंटरटेनमेंट के लिए लिखी थी. उनके मुताबिक, उन्हें खुद इस स्क्रिप्ट पर इतना भरोसा नहीं था. यही वजह है कि वो इसकी कहानी लोगों को सुनाने में कंफर्टेबल नहीं थे. मगर जब इम्तियाज ने लोगों को कहानी सुनानी शुरू की, तो ज्यादातर प्रोड्यूसर्स और एक्टर्स ने इसे रिजेक्ट कर दिया.
कहना क्या चाहते हो?
कई लोगों का सवाल था कि फिल्म की कहानी आखिर कहना क्या चाहती है? कुछ का मानना था कि इसमें कोई बड़ा स्ट्रगल नहीं है, जबकि कुछ को ये काफी सिंपल और बचकानी लगीं. यही वजह रही कि स्क्रिप्ट बार-बार रिजेक्ट होती रही. इम्तियाज ने बताया कि इस कहानी पर सबसे पहले प्रीति जिंटा ने भरोसा किया था. जब इम्तियाज ने प्रीति को स्क्रिप्ट सुनाई, तो एक सीन पर प्रीति जोर-जोर से हंसने लगीं. पहले तो इम्तियाज को लगा कि शायद वो कहानी का मजाक उड़ा रही हैं, लेकिन बाद में प्रीति ने कहा कि उन्हें कहानी बहुत मजेदार लगी. साथ ही ये भी कहा कि वो इस फिल्म में काम करने के लिए एक्साइटेड हैं. हालांकि, इस फिल्म को बनने में काफी टाइम लगा. आखिरकार लीड रोल के लिए बॉबी देओल और प्रीति जिंटा की जगह करीना कपूर और शाहिद कपूर को साइन किया गया. इसके बाद जो हुआ, वो हिस्ट्री बन गई.
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मजेदार डायलॉग्स
फिल्म के कई डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर हैं. “मैं अपनी फेवरेट हूं”, “इतनी भी सुंदर नहीं हूं मैं” और “बचपन से ही मुझे शादी करने का बहुत क्रेज है” जैसे डायलॉग आज भी उतने ही पॉपुलर हैं जितने जब वी मेट की रिलीज के टाइम थे. अजीब बात है कि ये डायलॉग्स किसी ने प्लान नहीं किए थे. इम्तियाज अली ने बताया कि मनाली में बहुत ज्यादा स्लोफॉल हो रहा था. उस वक्त वो एक होटल में फंस गए थे. बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए उन्होंने कमरे में बैठकर लगातार डायलॉग लिखने शुरू कर दिए. सिर्फ एक दिन और एक रात में फिल्म के लगभग सभी डायलॉग तैयार हो गए.
करीना कपूर को दिया क्रेडिट
गीत के कैरेक्टर को यादगार बनाने का क्रेडिट इम्तियाज करीना कपूर को देते हैं. उनका कहना है कि करीना बेहद कंफर्टेबल और रीयल एक्ट्रेस हैं. वो डायरेक्टर की बात तुरंत समझकर पूरे जोश के साथ रोल करती हैं. इम्तियाज अली ने ये भी कहा कि वो फ्यूचर में फिर से करीना कपूर के साथ काम करना चाहते हैं. हालांकि, इस बार वो उनके लिए ऐसारोल चुनना चाहेंगे जो गीत से बिल्कुल अलग हो, लेकिन उतना ही यादगार रहे. वैसे, ये बात को क्लियर है कि, जिस कहानी को कभी किसी ने सीरियसली नहीं लिया, वही आगे चलकर बॉलीवुड की सबसे कल्ट लव स्टोरीज में शामिल हो गई. ‘जब वी मेट’ इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि कभी-कभी दिल से लिखी गई सिंपल कहानियां ही सबसे बड़ा मैजिक क्रिएट देती हैं.
समाचार स्रोत: पीटीआई
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