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नौसेना को मिले 3 स्वदेशी युद्धपोत

by Live India
New Indian Navel ship

नया भारतीय नौसेना जहाज: प्रधानमंत्री मोदी आज भारतीय नौसेना को तीन स्वेदशी युद्धपोत सौंपे हैं. उन्होंने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर तीन युद्धपोत- INS दूनागिरी, INS अग्रय, और INS संशोधक को नौसेना में कमीशन किया है. इन तीनों जंगी जहाजों से भारती नौसेना में आने से हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में भारत की ताकत और समद्री सुरक्षा और मजबूत हो गई है. अपने भाषण में मोदी ने कहा कि भारत डिफेंस सेक्टर में सिर्फ एक खरीदार देश नहीं रहना चाहता और देश की आर्म्ड फोर्सेज दुनिया के लिए सिर्फ एक मार्केट नहीं बन सकतीं. उन्होंने कहा, “हमारी क्षमताओं की पहचान हमारी आत्मनिर्भरता में है, न कि दुनिया के लिए मार्केट बनने में.”

विसाक, सुरक्षा और खुशहाली समुद्र से जुड़ी हैं

मोदी ने कहा कि भारत ने कुछ साल पहले एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को कमीशन करके अपनी समुद्री क्षमताओं को दिखाया था. पिछले कुछ सालों में 40 से ज़्यादा वॉरशिप और सबमरीन कमीशन की गई हैं और 45 बड़े नेवी प्लेटफॉर्म बन रहे हैं. उन्होंने कहा, “कोई भी देश समुद्री ताकत के बिना बड़ी ताकत नहीं बन सकता. विसाक, सुरक्षा और खुशहाली समुद्र से जुड़ी हैं.” मोदी ने देश में बने स्टील्थ फ्रिगेट दुनागिरी, सर्वे वेसल संशोधक, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रे को कमीशन किया. उन्होंने कहा कि फ्रंटलाइन प्लेटफॉर्म समुद्री लड़ाई, हाइड्रोग्राफिक सर्वेइंग और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में अहम ऑपरेशनल क्षमताओं को दिखाते हैं.

तीनों युद्धपोतों की खासियत

आधिकारिक बयान में कहा गया, “तीनों युद्धपोत मिलकर नेवी के कैपेबिलिटी डेवलपमेंट, ब्लू-वॉटर ऑपरेशन को मजबूत करने, समुद्री डोमेन अवेयरनेस बढ़ाने और बदलते खतरों से तटीय पानी को सुरक्षित करने के बैलेंस्ड अप्रोच को दिखाते हैं.” इसमें कहा गया है कि प्रोजेक्ट 17A का स्टील्थ फ्रिगेट INS- दुनागिरी, ब्रह्मोस सरफेस-टू-सरफेस मिसाइल और मीडियम-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम सहित एडवांस्ड हथियारों और सेंसर से लैस है, जिससे नेवी की लड़ाकू क्षमता काफी बढ़ जाती है.

INS- संशोधक एक सर्वे वेसल है, जिसे कोस्टल और डीप-वाटर हाइड्रोग्राफिक सर्वे और डिफेंस और सिविल एप्लीकेशन के लिए ओशनोग्राफिक और जियोफिजिकल डेटा इकट्ठा करने के लिए डिजाइन किया गया है. वहीं INS- अग्रे एक अर्नाला-क्लास एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट है, जो हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और शैलो-वाटर सोनार सिस्टम से लैस है ताकि समुद्र के किनारे के पानी में पानी के नीचे के खतरों का पता लगाया जा सके और उनसे निपटा जा सके.

डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग

पश्चिम बंगाल के गवर्नर आर एन रवि, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और इंडियन नेवी चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन कमीशनिंग इवेंट में मौजूद जाने-माने लोगों में शामिल थे. इन वेसल को इंडियन नेवी के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया और कोलकाता की डिफेंस PSU गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड ने बनाया है. एक अधिकारी ने कहा कि इन प्लेटफॉर्म में 75 परसेंट से ज्यादा स्वदेशी माल है और इनके कंस्ट्रक्शन में 200 से ज्यादा MSMEs समेत इंडियन इंडस्ट्री की बड़ी हिस्सेदारी है.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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