Home Latest News & Updates लॉर्ड्स पर इंडिया की ये जीत क्यों है इतनी खास?

लॉर्ड्स पर इंडिया की ये जीत क्यों है इतनी खास?

by Live India
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टीम इंडिया: ऐतिहासिक लॉर्ड्स स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ एकलौते टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने 270 रन से हराकर इतिहास रच दिया. इस जीत ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को नई ऊंचाईयों पर तो पहुंचा दिया है. साथ ही कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बने हैं. स्टार ओपनर स्मृति मंधाना, विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपनी उपलब्धियों से महिला क्रिकेट के भावी खिलाड़ियों को नया सपना दिया है. वहीं, 21 से 23 जुलाई 1884 के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच खेला गया था. इस मैच में इंग्लैंड ने एक पारी और 5 रनों से ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया था. दूसरी ओर उस मैच के करीब 142 साल बाद भारतीय महिला टेस्ट क्रिकेट का लॉर्ड्स पर पहला मुकाबला खेला गया, जिसमें इंग्लिश टीम को हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में भारत की तरफ से यास्तिका भाटिया ने तूफानी अंदाज में शतकीय पारी खेली और क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लिए. बता दें कि इंग्लैंड ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया. बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए. इस दौरान स्मृति मंधाना ने 83 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रनों की पारी खेली. जब इंग्लिश टीम बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर आई तो टीम इंडिया ने 170 रनों पर ऑलआउट कर दिया और 115 रनों की बढ़त हासिल कर ली.

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया ने शतकीय पारी खेली. उन्होंने 113 रन बनाए और इस दौरान 14 चौके लगाने का भी काम किया. इसके अलावा स्मृति मंधाना ने भी दूसरी पारी में 70 रनों की पारी खेली. वहीं, ऋचा घोष ने अर्धशतक लगा दिया. भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 341 रनों पर अपनी पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड को 457 रनों का लक्ष्य दिया था. दूसरी पारी में भी भारतीय टीम के गेंदबाजों ने बहुत सटीक गेंदबाजी की और इंग्लिश टीम कम कर पर ही सिमटा दिया. इस मैच में जीत दर्ज करने के साथ ही महिला क्रिकेट ने कई अहम रिकॉर्ड भी बना दिए हैं. इस लेख में उन्हीं रिकॉर्ड के बारे में विस्तार बताएंगे, जिसने भारतीय महिला क्रिकेट को इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया.

इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम की जीत, आयोजन स्थल खास

ये हैं वह रिकॉर्ड

सबसे बड़ी जीत में शामिल हुआ लॉर्ड्स

लॉर्ड्स पर भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों के अंतरों से हरा दिया. महिला टेस्ट क्रिकेट ने रनों के लिहाज से अपने टेस्ट करियर में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. भारत की सबसे बड़ी जीत 2023 में नवी मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ 347 रनों की रही थी.

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भारत ने बनाया दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड

टीम इंडिया ने इस टेस्ट मैच की दो पारियों में 626 रन बनाए (पहली पारी में 285 और दूसरी में 341/7 घोषित) थे. यह महिला क्रिकेट के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले भारतीय टीम ने साल 2024 में चेन्नई में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान साउथ अफ्रीका के खिलाफ दोनों पारियों में मिलाकर 640 रन बनाए थे. इस मुकाबले में खास बात यह रही कि भारत ने दूसरी पारी में 341 रन बनाए थे. साथ ही यह दूसरी बार है जब भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 300 से ज्यादा रन बनाए थे.

ऑनर्स बोर्ड में दर्ज कराया क्रांति गौड़ ने अपना नाम

तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 37 रन देकर पांच विकेट चटकाने का काम किया. वह महिला टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाली पांचवीं गेदंबाज बनी हैं. साथ ही अगर पूरे मैच की बात करें तो उन्होंने 7 विकेट चटकाने का काम किया. यह किसी भारतीय तेज गेंदबाज का तीसरा सर्वश्रेष्ठ मैच का प्रदर्शन है. वहीं, लॉर्ड्स में प्लेयर ऑफ द मैच के लिए चुनी जानें के बाद क्रांति गौड़ ने कहा कि मैंने बचपन में कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन लॉर्ड्स के मैदान पर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में चुनी जाऊंगी. उन्होंने यह भी बताया कि मैच शुरू होने से पहले उनका मकसद था कि लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराना था.

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यास्तिका ने भी दिखाया अपना जलवा

भारतीय टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में 113 रनों बनाए. वह महिला टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर के रूप में शतक लगाने वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं. उनसे पहले अंजू जैन ने साल 1995 में इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाया था. साथ यास्तिका लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं. इसके अलावा पुरुष और महिला मिलाकर लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने भारत की तरफ से दो बल्लेबाज हो गए हैं. यास्तिका से पहले साल 1996 में सौरव गांगुली ने अपने डेब्यू मैच में 131 रनों की पारी खेली थी.

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स्मृति का 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच

लॉर्ड्स में खेला गया टेस्ट मैच स्मृति मंधाना के करियर में 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच था. वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाली भारत की तीसरी बड़ी क्रिकेटर बन गई हैं. उनसे पहले मिताली राज और हरमनप्रीत कौर ही 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं. खास बात यह है कि 30 की उम्र पूरी करने से पहले स्मृति 300वां मैच खेलने वाली दुनिया की युवा महिला क्रिकेटर बन गई हैं. बता दें कि मंधाना ने इस टेस्ट मैच में 83 और 70 रनों की पारियां खेलीं. वह महिला टेस्ट क्रिकेट की दोनों पारियों में अर्धशतक लगाने वाली भारत की चौथी बल्लेबाज बन गई हैं. इसके अलावा अब उनके नाम टेस्ट क्रिकेट सात अर्धशतक हो गए हैं. अगर सभी प्रारूपों की बात करें तो मंधाना के अब 10,737 अंतरराष्ट्रीय रन बन गए हैं. अब उनसे आगे सिर्फ सूजी बेट्स (10,740) और मिताली राज (10,868) हैं.

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इंग्लैंड की खिलाड़ियों ने भी बनाया रिकॉर्ड

लॉर्ड्स में इंग्लिश टीम को बुरी हार का सामना करना पड़ा है. इसी बीच इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन की खूब चर्चा हो रही है. उन्होंने गेंद और बल्ले से कमाल कर दिया. उन्होंने दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर अपना चौथा फाइव विकेट हॉल को पूरा किया. इसके साथ ही उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 343 विकेट हो गए हैं और यह महिला क्रिकेट के इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है.

साथ ही सोफी एक्लेस्टोन ने नंबर 8 पर उतरकर अर्धशतक लगाने वाली भी महिला इतिहास की दूसरी खिलाड़ी बन गई है. वहीं, विकेटकीपर एमी जोन्स ने दोनों पारियों में 52 और 54 रन बनाए. इसके साथ ही वह दोनों पर पारियों में अर्धशतक लगाने वाली पहली नामित विकेटकीपर बन गई हैं. उन्होंने एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया है. साथ ही दोनों पारियों में इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी भी हैं. इस मैच की दोनों पारियों में दोनों टीमों के विकेटकीपरों ने मिलकर 231 रन बनाए. साथ ही महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में विकेटकीपरों की तरफ से यह सबसे बड़ा स्कोर है.

जीत के बाद फूले नहीं समा पाईं हरमनप्रीत कौर

इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस जीत का श्रेय पूरे स्टाफ को दिया. उन्होंने कहा कि इस मैच की पटकथा इस जीत के साथ ही पूरी हो सकती थी. हरमनप्रीत ने सलामी बल्लेबाज और स्मृति मंधाना के तारीफों के पुल बांध दिए. उन्होंने कहा कि उनकी शानदार शुरुआत ने टीम के ऊपर से दबाव काफी कम कर दिया. साथ ही उन्होंने यास्तिक की शतकीय पारी को भरोसे का परिणाम बताया और उम्मीद की कि वह आगे भी इस तरह का प्रदर्शन जारी रखेंगी. इसके अलावा क्रांति गौड़ की गेंदबाजी की भी जमकर तारीफ की. कप्तान ने कहा कि बीते सीजन में निराशा मिलने के बाद भी कोच अमोल मजूमदार और सपोर्ट स्टाफ ने टीम को काफी एकजुट करके रखा. इसका नतीजा हमें ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स पर जीत के रूप में दिखा. कप्तान ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी लॉर्ड्स पर टेस्ट मैच खेले जाएंगे.

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इंग्लैंड की कप्तान ने किया हार को स्वीकार

इंग्लिश टीम की कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने इस हार को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि हमारी टीम पहले दिन की परिस्थितियों के अनुसार अपने आपको पूरी तरह ढाल नहीं पाई. साथ ही गेंदबाज सही लाइन-लेंथ हासिल करने में देर कर गए और बल्लेबाजी में भी बड़ी साझेदारियां नहीं बन सकीं. इसके कारण पूरे मैच में दबाव बना रहा. हालांकि, नेट सिवर-ब्रंट ने अपने खिलाड़ियों के जुझारू पन की तारीफ करते हुए कहा कि सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन बेल और अन्य खिलाड़ियों मैदान पर खूब संघर्ष किया. इसी बीच कप्तान ने यह भी माना कि टी-20 विश्व कप खत्म होने के बाद उनकी टीम को टेस्ट की तैयारी के लिए ज्यादा दिन का समय नहीं मिल पाया. लेकिन अब मौजूदा कैलेंडर के हिसाब हर परिस्थिति में खिलाड़ियों को तैयार रहना होगा और अपनी प्रैक्टिस पर फोकस करना होगा. उन्होंने आगे कहा कि यह अनुभव अगले साल होने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में काफी काम आएगा. हमारी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है और विरोधी टीम को पूरी टक्कर दी. हालांकि, हम पूरी तरह तैयारी नहीं कर पाए और पहली इनिंग में स्टेडियम की स्थिति को समझने में कामयाब नहीं हो पाए. लेकिन यह सिर्फ सबक है और हम आगे से हर सिचुएशन के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे.

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