Home Latest News & Updates नंदीघोष पर सवार होकर निकलेगें जगन्नाथ महाप्रभु

नंदीघोष पर सवार होकर निकलेगें जगन्नाथ महाप्रभु

by Live India
Jagannath Rath Yatra

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Jagannath Rath Yatra: ओडिशा के पुरी में आज से महाप्रभु के महाउत्सव की शुरुआत हो गई है. रथ यात्रा की शुरुआत 16 जुलाई यानी आज से हो गई है और 27 जुलाई को यह खत्म होगी. हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पुरी के श्री जगन्नाथ, उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र अपने मुख्य मंदिर से मौसी के घर के लिए प्रस्थान करते हैं. ओडिशा के पुरी में होने वाले इस पवित्र त्योहार में लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन करने आते हैं. तीनों के शानदार रथ भक्तों के लिए खास आकर्षण होते हैं.

नंदीघोष पर सवार होंगे भगवान

यात्रा के लिए हर साल नए रथ बनाए जाते हैं और इसकी तैयारी काफी पहले से शुरू हो जाती है. हर साल की तरह इस बार भी रथों पर पारंपरिक सजावट की गई है. धार्मिक रस्मों के बाद, भगवान जगन्नाथ अपने बड़े रथ, नंदीघोष पर सवार होंगे, जबकि उनके भाई बलभद्र ‘तालध्वज’ पर सवार होंगे और बहन सुभद्रा ‘दर्पदलन’ रथ पर बैठेंगी. इसके बाद भक्त रथों को मोटी रस्सियों से खींचकर गुंडिचा मंदिर ले जाएंगे. इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है.

मौसी के घर भक्तों को दर्शन देंगे महाप्रभु

रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ अपने मुख्य मंदिर से निकलकर गुंडिचा मंदिर, अपनी मौसी के घर जाते हैं. जगन्नाथ मंदिर और गुंडिचा मंदिर के बीच कुल दूरी लगभग 3 किलोमीटर है. तीनों देवता लगभग 7 से 9 दिन गुंडिचा मंदिर में रुकते हैं. अपनी मौसी के घर पर विश्राम करने के बाद, वे अपने मुख्य जगन्नाथ मंदिर लौट आते हैं. इस वापसी यात्रा को ‘बहुदा यात्रा’ कहा जाता है. वापस आते समय, तीनों रथ ‘मौसी मां मंदिर’ पर थोड़ी देर रुकते हैं. यहां, भगवान को उनका पसंदीदा ‘पोड़ा पीठा’ को भोग लगाया जाता है.

लाखों भक्त रथ की रस्सी छूने मात्र के लिए पुरी आते हैं. रस्सी खींचना भक्तों की सेवा का प्रतीक है. माना जाता है कि जो श्रद्धालु सच्चे भाव से रथ की रस्सी को खींचता है, उसके कई जन्मों के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है.

बारिश के बीच भक्तों की भीड़

रथ यात्रा के लिए देश-विदेश से भक्तों का पुरी पहुंचना जारी है. बूंदाबांदी के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुख्य सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है. होटलों, धर्मशालाओं और मठों में भी भक्तों की संख्या बढ़ रही है. इस बीच, पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने कहा कि जगन्नाथ धाम लाखों भक्तों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। भक्तों की मेहमाननवाजी में कोई कमी न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पुरी के एसपी प्रतीक सिंह ने कहा कि प्रशासन ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित रथ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बेमिसाल सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जगन्नाथ धाम को कई लेयर वाली सुरक्षा के घेरे में रखा गया है. पुलिस, सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स, कोस्ट गार्ड और स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट तैनात की गई हैं. पुरी के एसपी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ​​जमीन, पानी और हवा से इलाके पर नजर रख रही हैं। कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस कोस्टलाइन पर एक्टिव हैं, जबकि एंटी-ड्रोन सिस्टम और एरियल सर्विलांस भी लगाए गए हैं। हजारों CCTV कैमरे शहर के अलग-अलग हिस्सों और बरडांडा में हर एक्टिविटी पर नजर रख रहे हैं. न

अहमदाबाद जगन्नाथ रथयात्रा: 32 हजार पुलिसकर्मी, 60 ड्रोन, 3500 CCTV… अभेद सुरक्षा घेरे में होगी यात्रा

समाचार स्रोत: पीटीआई

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