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भारी वर्षा: गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. सबसे ज्यादा असर दक्षिण गुजरात में हुआ है, जहां मानसून सीजन की 73.67 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है. लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है. हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है. शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी गुजरात में ज़ोरदार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा और कई गांव बाकी इलाकों से कट गए. 38,653 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया और 352 से ज़्यादा लोगों को बचाया गया.
352 लोगों को बचाया गया
कुछ जगहों पर 24 घंटे में 400 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और सेना की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में जुट गईं. अधिकारियों ने स्कूल बंद कर दिए और मुंबई जाने वाली ट्रेनें रद्द कर दीं. दक्षिण गुजरात के वलसाड, नवसारी और सूरत जिलों के साथ-साथ राज्य के मध्य हिस्से में अहमदाबाद और खेड़ा ज़िलों में सुबह 6 बजे तक के 24 घंटों में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. सुबह से ही वाव-थराद, अमरेली और खेड़ा ज़िलों में फिर से ज़ोरदार बारिश हुई, जिससे प्रशासन सतर्क रहा. राहत आयुक्त गौरव मकवाना ने कहा कि अब तक 38,653 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, जिनमें से ज़्यादातर नवसारी और वलसाड ज़िलों के हैं. लगभग 2,000 लोगों को शेल्टर होम में भेजा गया है. अब तक कुल 352 लोगों को बचाया गया है.
प्रशासन हाई अलर्ट पर
अहमदाबाद में भारी बारिश से सड़कें बंद हो गईं और कई अंडरपास को भी बंद करना पड़ा. राज्य सरकार ने बारिश से प्रभावित ज़िलों में स्कूल और कॉलेजों के लिए छुट्टी की घोषणा की है. दक्षिण गुजरात में रेल रूट पर पानी भरने के कारण शुक्रवार को मुंबई जाने वाली पांच ट्रेनें रद्द कर दी गईं. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और स्थिति पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया. IMD ने शुक्रवार को महीसागर, पंचमहल और दाहोद के लिए रेड अलर्ट और दक्षिण व मध्य गुजरात के वलसाड, तापी, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, अहमदाबाद, खेड़ा, गांधीनगर और आणंद जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया.
भारतीय सेना की 6 टीमें तैनात
राज्यभर में 17 NDRF टीमें, 32 SDRF प्लाटून और भारतीय सेना की 6 टीमें तैनात की गई हैं. सबसे अधिक राहत बल वलसाड में लगाया गया है, जहां 4 NDRF टीमें, 4 SDRF प्लाटून और 2 आर्मी टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. वहीं नवसारी में 3 NDRF, 3 SDRF और 2 आर्मी टीमें राहत अभियान चला रही हैं. सूरत में 2 NDRF टीमें और राज्य की सबसे अधिक 5 SDRF प्लाटून तैनात हैं. अहमदाबाद में भी 2 NDRF, 2 SDRF और 2 आर्मी टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मोर्चे पर तैनात हैं. इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों और उफनते कॉजवे को पार करने का प्रयास न करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
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