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Delhi की हवा गंभीर श्रेणी में, घने कोहरे के कारण AQI 398

by Live India
Delhi की हवा गंभीर श्रेणी में, घने कोहरे के कारण AQI 398

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Delhi AQI : दिल्ली में हवा का बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है और शनिवार को आसमान में हल्के रंग की ग्रे चादर ढकी मिली. वहीं, शाम के समय दिल्ली का AQI 398 रिकॉर्ड दर्ज किया गया.

20 दिसंबर 2025

दिल्ली AQI: दिल्ली की हवा में कोई सुधार नहीं हो रहा है और हर एक दिन नया AQI नया रिकॉर्ड बना रही है. दिल्ली-एनसीआर इलाके में हवा इतनी खराब हो रही है कि प्राथमिक स्कूलों को बंद करना पड़ रहा है. इस बीच शनिवार को आसमान में हल्के ग्रे रंग की चादर ढकी रही और राजधानी पर घना कोहरा छाया रहा. साथ ही हवा क्वालिटी बहुत खराब होने की कगार पर पहुंच गई और शाम बजे तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 398 रिकॉर्ड दर्ज किया गया. वहीं, शहर कई जगहों पर मॉनिटरिंग स्टेशनों ने बहुत खराब कैटेगरी में रीडिंग दर्ज की है. इसके अलावा CPCB के SAMEER ऐप से पता चला कि शाम के समय हवा की क्वालिटी और खराब हो गई और शाम के पांच बजे के करीब AQI 401 पर पहुंच गया.

चांदनी चौक में रही सबसे खराब हवा

शहर भर में 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 22 ने हवा की क्वालिटी को बेहद खराब बताया. चांदनी चौक में हवा की क्वलिटी सबसे ज्यादा खराब देखी गई, जहां पर AQI 464 दर्ज किया गया. बादलों और हवा में मौजूद प्रदूषण के कारण सूरज ज्यादातर छिपा रहा, जिससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है. ठंड की लहर के बीच सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में हवा की औसत क्वालिटी शनिवार को 398 हो गई, जबकि शुक्रवार को यह 374 और गुरुवार को 373 थी. वहीं, एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के लिए डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार गाड़ियों से निकलने वाला धुआं हवा प्रदूषण सबसे ज्यादा योगदान रहा, जो करीब 17.5 फीसदी तक था. साथ ही दिल्ली-एनसीआर में उद्योगों ने 8.9 प्रतिशत योगदान दिया.

दिल्ली में बाहर के वाहनों पर लगी रोक

आपको बताते चलें कि राजधानी के कई हिस्सों में सुबह काफी घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई. साथ ही बिगड़ती हवा की क्वालिटी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में नॉन-दिल्ली प्राइवेट गाड़ियों के आने पर बैन लगा दिया गया. खासकर उन गाड़ियों पर रोक लगा दी गई जो BS-VI एमिशन स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करती हैं. इसके अलावा अधिकारियों ने बढ़ते एयर पॉल्यूशन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल रहा है. बता दें कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ माना जाता है.

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