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कब है माघ पूर्णमा; जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

by Live India
कब है माघ पूर्णमा; जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा को माघ मेले का समापन हो जाता है. यहां जानें माघ पूर्णिमा की तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है.

12 जनवरी, 20226

Magh Purnima 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व है. हर महीने की पूर्णिमा किसी खास देवता, व्रत या त्योहार से जुड़ी होती है. माघ महीने की पूर्णिमा को इसलिए भी खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन माघ मेले का समापन हो जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन ब्रह्मांड के संरक्षक भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख, शांति और समृद्धि आती है. इस दिन स्नान, दान और उपवास किया जाता हैं. चलिए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या हैं और इस दिन कौन से किस प्रकार पूजा करनी चाहिए.

कब है माघ पूर्णिमा

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, वर्ष 2026 में, माघ पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी को सुबह 5:52 बजे शुरू होगी और 2 फरवरी को सुबह 3:38 बजे समाप्त होगी. सूर्योदय के समय के आधार पर, माघ पूर्णिमा का त्योहार 1 फरवरी, 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना, दान-पुण्य करना और भगवान विष्णु की पूजा करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. यह दिन खगोलीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चंद्रमा पूरी तरह से प्रकाशित होता है. 1 फरवरी को सूर्योदय सुबह 7:09 बजे और सूर्यास्त शाम 6:00 बजे होगा, जबकि चंद्रोदय शाम 5:26 बजे होने की उम्मीद है.

माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

इस दिन प्रार्थना और अनुष्ठानों के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:24 बजे से 6:17 बजे तक होगा. इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से 12:57 बजे तक होगा, जिसके दौरान पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है. गोधूलि मुहूर्त शाम 5:58 बजे से 6:24 बजे तक होगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2:23 बजे से 3:07 बजे तक भी शुभ माना जाता है.

पूजा के नियम

माघ पूर्णिमा पर कुछ नियमों का पालन करने से व्रत और पूजा का फल बहुत बढ़ जाता है. सुबह नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए. स्नान करने के बाद, सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए और रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. इस दिन गुस्सा, बहस, झूठ और नकारात्मक भावनाओं से बचना चाहिए, काले कपड़े पहनने से बचना चाहिए और घर और मंदिर में साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए. पूर्णिमा के दिन जरूरतमंदों को खाना, तिल या कपड़े दान करने से पुण्य मिलता है.

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