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CBSE Re-Evaluation Portal: CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल खुला

by Live India
CBSE Re-Evaluation Portal: CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल खुला

सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) का री-इवैल्यूएशन पोर्टल चार दिनों तक ठप रहने के बाद आज एक्टिव हो गया है. बोर्ड ने मंगलवार को कहा है कि एग्जाम के इवैल्यूएशन से नाखुश स्टूडेंट्स री-इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. लेकिन अब भी कई स्टूडेंट्स को लॉग-इन करने में दिक्कतें हो रही हैं. जब स्टूडेंट्स लॉग इन करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें “Failed” दिख रहा है.

अब भी स्टूडेंट्स को हो रही परेशानी

CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल आज सुबह लॉन्च हो गया है, लेकिन कुछ स्टूडेंट्स लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं, दूसरों को कैप्चा भरने में परेशानी हो रही है और कुछ अपने एप्लीकेशन ऑप्शन नहीं ढूंढ पा रहे हैं. बहुत सारे स्टूडेंट्स को लॉग इन करने, वेरिफाई करने और अपने एप्लीकेशन सबमिट करने में दिक्कत हो रही है. स्टूडेंट्स का कहना है कि वे अपने क्रेडेंशियल डालकर लॉग इन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम बार-बार “Failed” दिखा रहा है. लोग एक्स पर स्क्रीनशॉट्स शेयर कर अपनी प्रॉब्लम बता रहे हैं.

सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल

6 जून तक खुला रहेगा पोर्टल

बोर्ड के मुताबिक, यह सुविधा सिर्फ उन स्टूडेंट्स के लिए है जिन्होंने अपनी इवैल्यूएटेड आंसर बुक की स्कैन्ड कॉपी ली हैं. बता दें, पोर्टल 2 जून से 6 जून (आधी रात) तक खुला रहेगा और डेडलाइन के बाद जमा किए गए कोई भी ऑफलाइन एप्लीकेशन या रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं किए जाएंगे. बता दें, यह पोर्टल 29 मई को ही एक्टिव होना था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण यह खुला नहीं. इसके बाद कहा गया था कि इसे 1 जून को एक्टिवेट कर दिया जाएगा. लेकिन, बोर्ड का पोर्टल उस दिन भी एक्टिवेट नहीं हो पाया और यह लगभग 24 घंटे बाद 2 जून को एक्टिवेट हुआ है और भी स्टूडेंट्स को दिक्कत हो रही है.

इन दिक्कतों को रिपोर्ट कर सकते हैं स्टूडेंट्स

स्टूडेंट्स को अपने आधार नंबर का इस्तेमाल करके CBSE वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा और ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा करनी होगी. बोर्ड ने कहा कि फीस पेमेंट सहित पूरा प्रोसेस डिजिटल तरीके से किया जाएगा. आंसर बुक की स्कैन की हुई कॉपी में दिक्कतों के वेरिफिकेशन के लिए, स्टूडेंट्स पेज गायब होने, सप्लीमेंट्री शीट गायब होने, मैप या ग्राफ गायब होने, पेज धुंधले होने, गलत आंसर बुक या किसी दूसरे क्वेश्चन पेपर सेट से इवैल्यूएशन जैसी दिक्कतों को रिपोर्ट कर सकते हैं. बोर्ड ने कहा, “स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि फाइनल सबमिशन से पहले सभी सब्जेक्ट्स की रिक्वेस्ट शामिल कर लें.”

सिर्फ एक बार कर सकते हैं अप्लाई

बोर्ड ने कहा कि दी गई आंसर बुक की स्कैन की हुई कॉपी में दिख रही दिक्कतों के वेरिफिकेशन की फीस 100 रुपये प्रति आंसर बुक है, जबकि आंसर्स के री-इवैल्यूएशन के लिए 25 रुपये प्रति सवाल चार्ज किया जाएगा. फीस सिर्फ UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे ऑनलाइन तरीकों से ही दी जा सकती है. बोर्ड ने कहा, “स्टूडेंट्स दिक्कतों के वेरिफिकेशन/री-इवैल्यूएशन के लिए सिर्फ एक एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं और इसलिए उन्हें पहले से तय कर लेना चाहिए कि एक या कई सब्जेक्ट्स के लिए अप्लाई करना है.”

CBSE ने कहा कि एक बार ‘फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट’ बटन पर क्लिक करने के बाद, डिटेल्स लॉक हो जाएंगी और उन्हें एडिट नहीं किया जा सकेगा. इसलिए, स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे पक्का कर लें कि सभी डिटेल्स सही हैं. बोर्ड ने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट पूरा होने के बाद ही एप्लीकेशन को सक्सेसफुली सबमिट किया हुआ माना जाएगा.

क्या है पूरा मामला

सीबीएसई विवाद की मूल जड़ इस साल लागू किया गया ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम है, जिसके तहत क्लास 12वीं के पेपर्स स्कैन की हुई कॉपियों के जरिए चेक किए गए. जब रिजल्ट जारी हुआ, तो बच्चों को अपने मार्क्स पर आपत्ति हुई. आंसर शीट की डिजिटल कॉपियां सामने आने पर बच्चों ने शिकायत की कि उनकी कॉपियां सही तरीके से चेक नहीं हुई. स्टूडेंट्स ने गलत आंसर शीट, किए हुए जवाब का नंबर न मिलना, ब्लर कॉपी जैसी अलग-अलग समस्या बताई. इसके बाद सीबीएसई ने वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूशन के लिए नया पोर्टल लॉन्च किया है. लेकिन बोर्ड को टेक्निकल गड़बड़ियों, पेमेंट फेलियर और एक्सेस से जुड़ी दिक्कतों को लेकर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स की आलोचना का सामना करना पड़ा.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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