Home Delhi EV को फ्यूचर बनाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

EV को फ्यूचर बनाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

by Live India
100% road tax waiver electric cars priced 30 lakh 2030

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Delhi EV Plan : राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली गाड़ियों पर रोड टैक्स की छूट दी है.

11 अप्रैल 2026

दिल्ली ईवी योजना: वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है. पेट्रोल और डीजलों की कीमतों में भारी इजाफे के अलावा प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए लोग इसकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं. अब सरकार भी बढ़ावा दे रही हैं और इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. नई ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में रजिस्टर्ड करीब 30 लाख रुपये या उससे कम की एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों को 31 मार्च, 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में 100 फीसदी की छूट देने की बात कही गई है. इसके अलावा परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए ड्राफ्ट के अनुसार दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी 2026-2030 में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड EV के लिए भी 50 प्रतिशत की छूट का प्रस्ताव है.

क्या है पॉलिसी में?

दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रतिबद्ध केंद्रशासित प्रदेश की सरकार का उद्देश्य बनियादी ढांचे का विकास और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ाने के लिए कदम उठाने बात कही है. साथ ही नई ईवी पॉलिसी वायु गुणवत्ता में सुधार करने और इलेक्ट्रिक वाहनों की ब्रिकी में तेजी लाने पर जोर दिया गया है. यह नीति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का भी समर्थन करती है. इस धारा में स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण का भी अधिकार शामिल है. बता दें कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में दावा किया है कि दिल्ली में AQI बढ़ने का मुख्य कारण वाहनों से होने वाले उत्सर्जन है.

67 वाहन दिल्ली में दोपहिया

आपको बताते चलें कि राष्ट्रीय राजधानी में 67 प्रतिशत दोपहिया वाहनों का हैं, ऐसे में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने के लिए इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बिक्री की बढ़ोतरी लाने के लिए फैसला किया गया है. इसके अतिरिक्त तीन पहिया, कमर्शियल कारें और N1 कैटेगरी वाले मालवाहक वाहन प्रतिदिन ज्यादा पॉल्यूशन फैलाती हैं, अब इन वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर पॉलिसी में बदलाव किया गया है. इसके अलावा संशोधन नीति के तहत केंद्रशासित प्रदेश में चार्जिंग के लिए बुनियादी ढांचे, विद्युतीकरण के लिए स्पष्ट निर्देश, बैटरी रिसाइकलिंग और उसके विकास पर जोर देने के लिए कहा गया है.

क्या है EV का भविष्य?

यह सर्वमान है कि EV भविष्य का हिस्सा है, लेकिन अभी भी इसमें कई सारी खामियां हैं. जैसे कि बेहतर बैटरी, ज्यादा चार्जिंग स्टेशन और सस्ती तकनीक है. साथ ही अभी बैटरी, चार्जिंग और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी काम चल रहा है. क्योंकि इंदौर जैसी घटना हमको बताती हैं कि सुरक्षा और गुणवत्ता पर भी बहुत ध्यान होना चाहिए.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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