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Rajesh Masala के मालिक राजेश अग्रहरि की पत्नी को भेजा जेल

by Live India
Rajesh Masala owner Rajesh Agrahari wife sent jail

Rajesh Masala : राजेश मसाला के मालिक की पत्नी को एक धोखाधड़ी मामले में जेल भेज दिया गया है. इस मामले में ACJM चतुर्थ कोर्ट ने समन जारी किया था और आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था.

Rajesh Masala : राजेश मसाला के मालिक और अमेठी जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश अग्रहरि की पत्नी चंद्रमा देवी (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष) को धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने जेल भेज दिया. इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश और अग्रिम जमानत रद्द करने के बाद चंद्रमा देवी ने अमेठी की ACJM चतुर्थ कोर्ट में समर्पण कर दिया. धोखाधड़ी का यह पूरा मामला अमेठी नगर पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहते हुए जमीन के मालिकाना हक को कथित तौर पर गलत तरीके से बदलने से जुड़ा है. बता दें कि अमेठी के उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष घनश्याम सोनी ने चंद्रमा देवी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा

कोर्ट ने चंद्रमा देवी की तरफ से आत्मसमर्पण करने के बाद न्यायिक हिरासत के लिए जेल भेजने का आदेश दिया. अब उनकी नियमित जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी. वहीं, 26 मार्च, 2026 को आत्मसमर्पण करने के बाद उनके वकीलों ने अंतरिम जमानत की मांग की थी. हालांकि, जिला जज राकेश पांडेय ने बचाव और अभियोजन पक्ष की बहस सुनने के बाद जमानत याचिका को खारिज कर दिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. दूसरी तरफ चंद्रमा देवी के पक्ष ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अदालत से उन्हें अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की . लेकिन शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध किया और कहा कि चंद्रमा देवी पर आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर मकानों के मालिकाना हक में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की थी.

विभिन्न धाराओं में दर्ज किया मामला

आपको बताते चलें कि वर्मतान में चंद्रमा देवी सुल्तानपुर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं और अब उनकी जमानत याचिका को लेकर 30 मार्च को कोर्ट में सुनवाई होगी. चंद्रमा देवी पर आरोप है कि जब वह अमेठी नगर पंचायत की अध्यक्ष थीं, तब उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए नगर पालिका के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा किया. वहीं, शिकायतकर्ता घनश्याम सोनी का कहना है कि संपत्तियों का मालिकाना हक नियमों के विरुद्ध जाकर बदला गया. अब पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (दस्तावेजों में जालसाजी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

जानें क्या बोले शिकायतकर्ता

लाइव टाइम्स से खास बातचीत में शिकायतकर्ता घनश्याम सोनी ने कहा कि मामला यह है कि वार्ड नंबर एक में मेरा एक पुश्तैनी मकान था. उसका पुराना नंबर 163 था और नया नंबर 230, 31, 32 और 33 है और साल 2022 में जिला पंचायत अध्यक्ष रही चंद्रमा देवी ने बदलकर 292 दर्ज कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि जब मुझे इसके बारे में जानकारी हुई तो मैंने नगर पंचायत अमेठी से जवाब मांगा कि इस मकान को न तो बरामद किया और न ही इकरानामा किया. इसके बाद भी यह कैसे 292 मकान दर्ज कर दिया गया. इसके बाद नगर पंचायत अमेठी ने इसकी जनसूचना नहीं दी. इसके बाद मैंने अमेठी के डीएम से शिकायत दर्ज कराई और उन्होंने मुझे ऑर्डर दिया और फिर सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद मैं लखनऊ में सूचना आयुक्त के पास चला गया, फिर वहां से आदेश हुआ और 292 काटकर फिर हमारे नाम किया. शिकायकर्ता ने कहा कि इस कार्रवाई के बाद मुझे पता चला कि अमेठी जिला पंचायत ने ही मेरे मकान नंबर को काटकर मेरे पड़ोसी लल्लू लालजी संगम पुजारी के नाम पर दर्ज कर दिया.

इसके अलावा घनश्याम ने शासन-प्रशासन से मांग की कि यह पूरा मामला एक बड़े व्यक्ति से जुड़ा है जो जिला पंचायत अध्यक्ष भी है. ऐसे में मेरे परिवार के साथ कोई बड़ा हादसा न हो जाएं उनको पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था दिलवाई जाए.

ACJM कोर्ट ने जारी किया था समन

ACJM कोर्ट ने सबसे पहले चंद्रमा देवी को आरोपी मानते हुए समन जारी किया था. इसके बाद आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया और अग्रिम जमानत दायर की. हाई कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार करते हुए निचली अदालत में समर्पण करने का निर्देश दिया था. इसके बाद चंद्रमा ने 26 मार्च को सरेंडर कर दिया. साथ ही कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर है और इस मामले में विस्तृत सुनवाई की जरूरत है.

30 मार्च को होगी मामले की सुनवाई

बताया जा रहा है कि अब 30 मार्च की सुनवाई में कोर्ट तय करेगा कि उन्हें नियमित जमानत में रिहा किया जाएगा या फिर जेल में ही रखा जाए. इस मामले की सुनवाई के दौरान राजेश अग्रहरि और उनकी पत्नी चंद्रमा देवी अदालत में मौजूद रहे. हालांकि, आरोपी ने इस मामले में उनकी भूमिका को राजनीतिक साजिश बताया. पत्नी के बचाव में आए राजेश ने कहा कि चंद्रमा देवी के नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए जो भी कार्य हुए हैं वह नियम के मुताबिक संपन्न किए गए थे और अब विपक्षी दल उनकी छवि को खराब में जुटा हुआ है. राजेश ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सच जल्द ही लोगों के सामने आएगा और उनकी पत्नी निर्दोष साबित होंगी.

बता दें कि राजेश अग्रहरि खुद भी अमेठी की राजनीति में सक्रिय हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. साथ ही नह बीजेपी से भी जुड़े हुए हैं, ऐसे में राजनीतिक महत्व काफी बढ़ गया है. अब विपक्षी दल भी उन पर निशाना साध रहा है और लगातार पद छोड़ने की बात कह रहा है.

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